Colon Cancer का कारण बन सकती है कब्ज़!
Sandesh Wahak Digital Desk: आजकल पेट में कैंसर (Colon Cancer) के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं और यह बीमारी धीरे-धीरे एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बनती जा रही है। पेट में कैंसर तब होता है जब पेट के सेल्स असामान्य तरीके से बढ़ने लगते हैं और अपने सामान्य कार्य को प्रभावित करने लगते हैं। ऐसे में पेट की कार्यप्रणाली कमजोर हो जाती है और कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं। इसी के साथ, बड़ी संख्या में लोग कॉन्स्टिपेशन यानी कब्ज़ की समस्या से भी जूझ रहे हैं, जो पेट की सेहत को अंदर ही अंदर नुकसान पहुंचा रही है। लंबे समय तक बनी रहने वाली कब्ज़ पेट की कार्यक्षमता को प्रभावित करती है और कुछ मामलों में पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियों की वजह भी बन सकती है।
क्यों होता है Colon Cancer ?
लेडी हार्डिंग हॉस्पिटल में डॉ. एल.एच. घोटेकर के अनुसार, पेट में कैंसर (Colon Cancer) तब विकसित होता है जब पेट के सेल्स असामान्य रूप से बढ़ने लगते हैं। ये सेल्स अपने सामान्य काम नहीं करते और धीरे-धीरे पेट की दीवारों और आसपास के अंगों को नुकसान पहुंचाने लगते हैं। उम्र बढ़ने के साथ इस बीमारी का खतरा बढ़ता है और जिन परिवारों में पहले से पेट के कैंसर का इतिहास रहा है, उनमें इसका जोखिम और अधिक हो जाता है।
लगातार तैलीय, मसालेदार और प्रोसेस्ड फूड का सेवन पेट की सेहत पर बुरा असर डालता है। धूम्रपान और शराब की आदतें भी पेट के सेल्स को नुकसान पहुंचाती हैं। इसके अलावा पेट में H. pylori बैक्टीरिया जैसी इन्फेक्शन भी कैंसर का कारण बन सकती है। यदि नियमित जांच न कराई जाए या शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज किया जाए, तो बीमारी तेजी से बढ़ सकती है, इसलिए समय पर जांच और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना बेहद जरूरी है।
क्या कब्ज़ Colon Cancer का कारण बन सकती है?
कब्ज़ यानी मल त्याग में कठिनाई होने की समस्या पेट की सामान्य कार्यप्रणाली को प्रभावित करती है। जब कब्ज़ लंबे समय तक बनी रहती है, तो यह पेट की दीवारों पर दबाव डालती है और अंदरूनी संक्रमण के खतरे को बढ़ा सकती है। कब्ज़ की वजह से भोजन लंबे समय तक पेट में रहता है, जिससे पेट के सेल्स पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। इसके साथ ही गैस, अपच और पेट फूलने जैसी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं।
हालांकि कब्ज़ को सीधे तौर पर पेट के कैंसर (Colon Cancer) का कारण नहीं माना जाता, लेकिन यह पेट से जुड़ी दूसरी परेशानियों को बढ़ाकर कैंसर के जोखिम को जरूर बढ़ा सकती है। इसलिए कब्ज़ की समस्या को हल्के में लेना सही नहीं है और समय रहते इसके इलाज और सुधार के उपाय करना जरूरी है।
पेट की सेहत कैसे रखें मजबूत
पेट को स्वस्थ रखने के लिए फाइबर युक्त आहार जैसे सब्जियां, फल और साबुत अनाज को अपने भोजन में शामिल करना बेहद जरूरी है। दिनभर पर्याप्त पानी पीना पाचन को बेहतर बनाता है और कब्ज़ की समस्या से बचाव करता है। नियमित शारीरिक गतिविधि पेट की कार्यप्रणाली को सक्रिय रखती है और पाचन को मजबूत बनाती है। इसके साथ ही प्रोसेस्ड, तैलीय और अत्यधिक मसालेदार भोजन से दूरी बनाकर रखना पेट के लिए फायदेमंद होता है। अगर कब्ज़ या पेट से जुड़ी कोई परेशानी लंबे समय तक बनी रहती है, तो समय पर डॉक्टर से सलाह लेना सबसे सही कदम है। स्वस्थ पेट ही स्वस्थ शरीर की नींव है, और समय रहते की गई सावधानी कई गंभीर बीमारियों से बचा सकती है।
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