लखनऊ: RTE के तहत फ्री एडमिशन के बाद भी स्कूल ने वसूले पैसे
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी के सरोसा भरोसा इलाके में स्थित ड्रीम चिल्ड्रन एकेडमी पर गंभीर आरोप लगे हैं। बताया जा रहा है कि स्कूल ने शिक्षा का अधिकार कानून (RTE Act 2009) के तहत फ्री एडमिशन पाने वाले बच्चों के माता-पिता से भी 700 से 2000 हजार तक की फीस वसूली की है। अभिभावकों ने जो वीडियो और रसीदें साझा की हैं, उसमें मंथली फीस, मेंटेनेंस, कंप्यूटर चार्ज और एडमिशन फीस जैसे अलग-अलग शुल्कों का जिक्र किया गया है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि कुछ रसीदों में साफ लिखा है कि बच्चा RTE के तहत दाखिल हुआ है, फिर भी पैसे लिए गए।
बोलने में डर लग रहा था, पर अब सहन नहीं हो रहा
एक अभिभावक ने नाम न बताने की शर्त पर कहा,
“हमसे 700 – 2000 हजार कैश में लिए गए,रसीद भी दी गई है। पहले डर लगा कि कुछ कहेंगे तो बच्चे को स्कूल से निकाल देंगे। लेकिन अब जब और लोगों से भी यही सुनने को मिला, तो चुप नहीं रह सकते।”
बच्चों की पहचान गोपनीय, दस्तावेज़ों से मिली पुष्टि
सुरक्षा और गोपनीयता के कारण बच्चों और उनके परिवारों का नाम प्रकाशित नहीं किया गया है, लेकिन रसीदों और दस्तावेज़ों की पूरी प्रतियां मौजूद हैं, जो साफ तौर पर फीस वसूली की पुष्टि करते हैं।
स्कूल का पक्ष – कोई अवैध वसूली नहीं हुई
स्कूल की मैनेजिंग डायरेक्टर शिशिर श्रीवास्तव ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया। उनका कहना है:
“हमारे स्कूल में RTE के तहत दाखिल बच्चों से कोई भी पैसा नहीं लिया जाता। जो भी बातें की जा रही हैं, वे पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं।”
BSA ने जताई चिंता, जांच की बात कही ![]()
लखनऊ के बेसिक शिक्षा अधिकारी राम प्रवेश ने बताया कि उन्हें इस मामले में शिकायतें मिली हैं।
उनका कहना है:
“हम दस्तावेज़ों की जांच करवा रहे हैं। अगर स्कूल ने वाकई में आरटीई के तहत एडमिशन लेने वाले बच्चों से पैसा लिया है, तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
क्या कहता है RTE कानून? ![]()
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साल 2009 में लागू हुआ शिक्षा का अधिकार कानून (RTE Act) कहता है कि निजी स्कूलों को हर साल 25% सीटें वंचित और कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित रखनी होंगी।
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इन बच्चों से कोई फीस, डोनेशन, किताबों या यूनिफॉर्म का पैसा नहीं लिया जा सकता।
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सरकार स्कूल को उनकी पढ़ाई का खर्च देती है, ताकि अभिभावकों पर कोई आर्थिक बोझ न पड़े।
सरकार कितना देती है और कहां जाती है ये रकम ?
उत्तर प्रदेश सरकार RTE के बच्चों के लिए स्कूल को सालाना ₹8,000 से ₹13,000 तक की सहायता देती है।
यह राशि शामिल होती है, जिसमें ट्यूशन फीस,किताबें,स्टेशनरी, यूनिफॉर्म (कुछ मामलों में),एडमिशन फीस शामिल है। ध्यान देने वाली बात ये है कि ये पैसा सीधे स्कूल को मिलता है, अभिभावकों को नहीं।
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