10 मार्च से शुरू होगा बजट सत्र का दूसरा चरण, चर्चा में रहेगा ‘ईपीआईसी’ का मुद्दा
Sandesh Wahak Digital Desk: संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार से शुरू हो रहा है, जिसमें सरकार और विपक्ष के बीच कई प्रमुख मुद्दों पर टकराव होने की संभावना है। मतदाता सूची में कथित हेराफेरी, मणिपुर में हालिया हिंसा और भारत-अमेरिका संबंधों पर विपक्ष की आपत्ति प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं।
सरकार का मुख्य ध्यान अनुदान मांगों को संसद से मंजूरी दिलाने, बजटीय प्रक्रिया को पूरा करने और वक्फ संशोधन विधेयक को पारित करने पर केंद्रित रहेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सोमवार को मणिपुर का बजट पेश करेंगी। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद 13 फरवरी से राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू है। गृह मंत्री अमित शाह संसद में मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की घोषणा को मंजूरी दिलाने के लिए एक वैधानिक प्रस्ताव भी पेश कर सकते हैं।
विपक्ष की रणनीति
विपक्ष ने मतदाता फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) क्रमांक में कथित गड़बड़ियों को लेकर सरकार को घेरने की योजना बनाई है। तृणमूल कांग्रेस इस मुद्दे पर मुखर रही है, जिसके बाद निर्वाचन आयोग ने कहा है कि अगले तीन महीनों में सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
हालांकि, निर्वाचन आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के उस दावे को खारिज कर दिया था जिसमें कहा गया था कि मतदाता सूचियों में हेरफेर कर अन्य राज्यों के मतदाताओं को पश्चिम बंगाल में वोट डालने का अवसर दिया गया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि कुछ मतदाता पहचान पत्र क्रमांक समान हो सकते हैं, लेकिन जनसांख्यिकी विवरण, विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र और मतदान केंद्र अलग-अलग होते हैं।
तृणमूल कांग्रेस के नेता सोमवार को निर्वाचन आयोग के अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इस मुद्दे को संसद में उठाने के लिए उन्होंने कांग्रेस, द्रमुक, शिवसेना (यूबीटी) सहित अन्य विपक्षी दलों को एकजुट किया है।
वक्फ संशोधन विधेयक पर सरकार की तत्परता
वक्फ संशोधन विधेयक को शीघ्र पारित कराना सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि इस विधेयक के पारित होने से मुस्लिम समुदाय से जुड़े कई मुद्दे सुलझेंगे। संसद की संयुक्त समिति ने विपक्ष के भारी विरोध के बावजूद लोकसभा में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है।
इसके अलावा, संसद में मणिपुर में ताजा हिंसा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत पर पारस्परिक शुल्क लगाने की धमकी और संसदीय निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा है कि विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के नेता वक्फ विधेयक का संयुक्त रूप से विरोध करने के लिए विचार-विमर्श करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस चुनाव प्रक्रिया में अनियमितताओं का मुद्दा उठाती रहेगी और इस पर सवाल खड़े करेगी कि चुनाव अब “स्वतंत्र और निष्पक्ष” नहीं रहे हैं।
कांग्रेस ने यह भी संकेत दिया है कि वह बजट सत्र के दौरान ट्रंप की शुल्क बढ़ाने की धमकियों का मुद्दा उठाएगी और इस पर सरकार से ठोस जवाब मांगेगी।
बजट सत्र की अवधि
संसद के बजट सत्र का पहला भाग 31 जनवरी से 13 फरवरी तक चला था। दूसरा भाग 10 मार्च से शुरू होकर 4 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस होने की उम्मीद है।
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