UNSC में बदलाव की ज़रूरत, यूएन महासचिव ने कहा- आज के हिसाब से हो सुरक्षा परिषद

Sandesh Wahak Digital Desk: संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में सुधार की सख्त ज़रूरत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद की मौजूदा संरचना 1945 की दुनिया के अनुरूप है, न कि आज की। इससे न सिर्फ इसकी वैधता पर सवाल उठते हैं, बल्कि इसकी कार्यक्षमता भी प्रभावित होती है।

गुटेरेस ने बताया कि सुरक्षा परिषद में सुधारों को लेकर चर्चा अब महासभा के केंद्र में आ गई है। उन्होंने अंतर-सरकारी वार्ता (IGN) का जिक्र करते हुए कहा कि इस प्रक्रिया में कुछ प्रगति हुई है। जहाँ पहले चर्चा के लिए कोई लिखित दस्तावेज नहीं होता था, वहीं अब एक समिति गंभीरता से काम कर रही है और एलिमेंट पेपर्स तैयार किए गए हैं। इन पेपर्स में सदस्य देशों के अलग-अलग विचारों और आम सहमति वाले बिंदुओं को शामिल किया गया है।

P5 देशों पर सवाल और वीटो पावर का मुद्दा

गुटेरेस ने कहा कि वे पहले ऐसे महासचिव हैं, जो खुलकर सुरक्षा परिषद में सुधार की बात कर रहे हैं। उन्होंने P5 (पाँच स्थायी सदस्यों) की वीटो शक्तियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि अब कई स्थायी सदस्य भी यह मानने लगे हैं कि अफ्रीका को भी स्थायी सदस्यता का अधिकार मिलना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद की निष्क्रियता के कारण कई संघर्षों को सुलझाने में दिक्कत आ रही है। उन्होंने इसका कारण भू-राजनीतिक विभाजन और P5 देशों का बिना किसी सजा के मनमाना काम करना बताया। गुटेरेस ने कहा कि जब बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा हो, तो वीटो के अधिकार को सीमित करने का प्रस्ताव फ्रांस और ब्रिटेन ने भी दिया है।

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