‘देश की सरहदों तक पहुंच गया है युद्ध का खतरा, फिर भी भाजपा…’, अखिलेश यादव का बड़ा बयान
Sandesh Wahak Digital Desk: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अंतरराष्ट्रीय पटल पर हो रही हिंसा को लेकर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई पर हुए हमले और मीनाब के एक स्कूल पर हुई बमबारी की कड़ी निंदा की है। इस हमले में 165 छात्राओं की मौत को उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानूनों और मानवता की हत्या करार दिया है।
‘स्कूलों पर हमला मानवता के खिलाफ’
अखिलेश यादव ने कहा कि स्कूलों को निशाना बनाना और निर्दोष बच्चों की जान लेना जिनेवा कन्वेंशन और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने मृतकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि संघर्ष के समय में भी मानव जीवन की रक्षा करना दुनिया की जिम्मेदारी है, लेकिन आज ये कानून खतरे में हैं।
सपा मुखिया ने भारत सरकार के रुख पर कड़ा एतराज जताते हुए कहा कि यह संघर्ष अब हमारी सरहदों के करीब हिंद महासागर तक पहुंच गया है। उन्होंने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा इतने गंभीर विषय पर भाजपा सरकार ने अभूतपूर्व चुप्पी साध रखी है। इसे सरकार की खामोशी माना जाए या किसी विशेष भय के कारण बंधी हुई ‘घिग्घी’?
अखिलेश ने पूछा कि सरकार की ऐसी क्या मजबूरी है कि उनके होंठ सिल दिए गए हैं? जनता पूछ रही है कि आखिर सरकार का कौन सा ‘पत्ता’ दबा हुआ है?
विपक्ष को बोलना पड़ रहा है
अखिलेश यादव ने कहा कि यह विदेश मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय का संयुक्त दायित्व है कि वे अपना पक्ष स्पष्ट करें। उन्होंने कहा कई दिनों की प्रतीक्षा के बाद भी जब सरकार ने मुंह नहीं खोला, तब मजबूर होकर विपक्ष को इस वैश्विक मुद्दे पर आवाज उठानी पड़ रही है। जो सरकार कुछ कह नहीं पा रही, वह सीमाओं की रक्षा क्या करेगी?
ध्यान भटकाने की राजनीति का आरोप
अखिलेश ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह अपनी विफलताओं से लोगों का ध्यान भटकाने के लिए जानबूझकर अस्पष्ट नीति अपना रही है। उन्होंने अंदेशा जताया कि आगामी संसद सत्र में सरकार कोई विवादास्पद मुद्दा उठाकर इस गंभीर संकट से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश करेगी। उन्होंने वर्तमान समय को देश के लिए ‘सरकार-शून्यता’ का काल बताया।
Also Read: UP News: BJP MLC को 1.5 घंटे तक रखा ‘डिजिटल अरेस्ट’, ATS अधिकारी बनकर की वीडियो कॉल

