संसद में आज पेश होगा ‘VB-G Ram G Bill’, मनरेगा की जगह लेगा यह कानून

Sandesh Wahak Digital Desk: केंद्र सरकार मनरेगा (MNREGA) की जगह एक महत्वाकांक्षी नया कानून लाने की तैयारी में है। “विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)” (VB-G Ram G Bill) नामक यह विधेयक आज (मंगलवार, 16 दिसंबर, 2025) संसद में पेश किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री शिवराज चौहान इस बिल को पेश करेंगे।

VB-G Ram G की मुख्य विशेषताएं और उद्देश्य

यह कानून ग्रामीण परिवारों के वयस्क सदस्यों को सालाना 125 दिनों के अकुशल रोजगार की कानूनी गारंटी देगा, जो मनरेगा (100 दिन की गारंटी) से अधिक है।

1. ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती: यह कानून ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ ही विकसित भारत की नींव को मजबूत करेगा। इसका उद्देश्य मजबूत और टिकाऊ ग्रामीण बुनियादी ढांचे का निर्माण करना है, जिससे न केवल मजदूरों, बल्कि किसानों के हित भी सुनिश्चित होंगे।

2. मनरेगा से बेहतर क्यों?

  • अप्रासंगिक ढांचा: सरकार के अनुसार, 2005 में बनी मनरेगा का अनियंत्रित और खुला मॉडल ग्रामीण अर्थव्यवस्था के वर्तमान ढांचे (जहाँ गरीबी 25.7% से घटकर 4.86% रह गई है) से मेल नहीं खाता था।

  • मानक वित्तपोषण: यह योजना मनरेगा के मांग-आधारित मॉडल के विपरीत, मानक वित्तपोषण (Standard Funding) प्रणाली पर काम करेगी, जिससे योजना अधिक अनुशासित, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। केंद्र और राज्य इसमें जिम्मेदारी साझा करेंगे।

  • भ्रष्टाचार पर नियंत्रण: इसमें AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का उपयोग किया जाएगा। निगरानी के लिए केंद्र और राज्य स्तर पर स्टीयरिंग कमेटियां, GPS और मोबाइल से रियल-टाइम ट्रैकिंग होगी। हर ग्राम पंचायत में साल में दो बार सख्त सोशल ऑडिट अनिवार्य होगा।

फोकस क्षेत्र और प्रभाव

नया कानून रोजगार, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत करते हुए संरचनागत खामियों को दूर करेगा।

  • संपत्ति निर्माण: निर्मित परिसंपत्तियों को विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना संग्रह (National Rural Infrastructure Stack) में दर्ज किया जाएगा। टिकाऊ संपत्तियां जल सुरक्षा, मूल ग्रामीण अवसंरचना, आजीविका से जुड़े निर्माण और जलवायु अनुकूलन को समर्थन देंगी।

  • कृषि पर प्रभाव: राज्य फसलों की बुआई और कटाई के दौरान 60 दिनों की अवधि अधिसूचित कर सकते हैं, जब सार्वजनिक कार्य नहीं होंगे। इससे कृषि कार्यों के समय मजदूरों की कमी नहीं होगी और खाद्य उत्पादन की लागत नियंत्रित रहेगी।

  • पलायन में कमी: उत्पादक संपत्तियों के निर्माण और घरेलू आय बढ़ने से शहरों की ओर पलायन का दबाव कम होगा।

  • अनिवार्य योजना: सभी ग्राम पंचायतों के लिए अपनी विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं को तैयार करना अनिवार्य होगा, जिन्हें पीएम गति-शक्ति से जोड़ा जाएगा।

यह बदलाव ग्रामीण भारत को लंबे समय तक समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने की मजबूत नींव रखेगा।

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