‘भारत को सोने की चिड़िया बनाने के विज्ञापन तो खूब…’, गणतंत्र दिवस पर अखिलेश यादव ने क्यों कही ये बात?
Sandesh Wahak Digital Desk: गणतंत्र दिवस के मौके पर जहां पूरा देश उत्सव मना रहा है, वहीं समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र और राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया। सपा प्रमुख ने वैश्विक हालातों से लेकर यूपी की स्वास्थ्य व्यवस्था और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सरकार को जमकर घेरा।
अंतरराष्ट्रीय हालातों पर अखिलेश की चिंता
अखिलेश यादव ने दुनिया में चल रही उथल-पुथल का जिक्र करते हुए एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, “आज दुनिया के हालात ऐसे हैं कि कभी सोचा भी नहीं था कि एक देश का राष्ट्रपति दूसरे देश के राष्ट्रपति का अपहरण कर ले जाए। दो देशों के बीच चार-चार साल से युद्ध चल रहा है और शांति की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही।” उनका इशारा दुनिया में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता की ओर था, जिसे उन्होंने आज के समय की सबसे बड़ी चुनौती बताया।
बेरोजगारी और महंगाई पर सरकार को घेरा
अखिलेश ने घरेलू मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए कहा कि आज डिग्रियों की कोई कीमत नहीं रह गई है। “युवा कितनी भी पढ़ाई कर लें, उन्हें नौकरियां नहीं मिल रही हैं। बेरोजगारी चरम पर है।” “किसानों की आय दोगुनी करने का वादा सिर्फ कागजों पर है। बड़े लोग किसानों की मेहनत का सही दाम नहीं देना चाहते।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों में गरीब के लिए इलाज की कोई व्यवस्था नहीं है।
‘सोने की चिड़िया’ के दावों पर तंज
सरकार की आर्थिक नीतियों और विज्ञापनों पर तंज कसते हुए अखिलेश बोले, “भारत को सोने की चिड़िया बनाने के विज्ञापन तो खूब चल रहे हैं, लेकिन आज सोने की कीमत क्या है, यह हर आम आदमी जानता है।” उन्होंने प्रदूषण और पानी में जहर (यूरेनियम, आर्सेनिक) की खबरों को लेकर भी सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए।
वोट के अधिकार और एनआरसी (NRC) पर चेतावनी
अखिलेश यादव ने वोटिंग अधिकारों को लेकर जनता को आगाह किया। उन्होंने कहा कि जो लोग हारने लगे हैं, वे अब एसआईआर और एनआरसी जैसे तरीकों से नागरिकों के वोट काटने की कोशिश कर रहे हैं। “वोट कटने का सीधा मतलब है आपकी नागरिकता पर सवाल खड़ा होना। संविधान ने हर नागरिक को वोट का अधिकार दिया है, जनता को अब सतर्क रहना होगा।”
संस्कृति और बुलडोजर
सपा चीफ ने सरकार पर पौराणिक धरोहरों और शंकराचार्यों के अपमान का आरोप लगाते हुए कहा कि जहाँ संरक्षण होना चाहिए, वहाँ बुलडोजर चलाया जा रहा है। उन्होंने ‘आत्मनिर्भर भारत’ को विदेशी कंपनियों द्वारा लोगों को गुमराह करने का एक तरीका बताया।
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