‘यूपी में नहीं है एलपीजी और ईंधन का संकट’, तेल कंपनियों और सरकार ने किया अफवाहों का खंडन
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश में एलपीजी सिलिंडर और पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर फैली अफवाहों के बीच तेल विपणन कंपनियों (OMCs) और राज्य सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। प्रशासन ने दावा किया है कि प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और उपभोक्ताओं को घबराने (Panic Buying) की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है।
आपूर्ति और मांग के मुख्य आंकड़े
स्टेट लेवल कोऑर्डिनेटर (SLC) संजय भंडारी के अनुसार, पश्चिम एशिया के तनाव के बावजूद प्रदेश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। उत्तर प्रदेश में लगभग 4.85 करोड़ घरेलू एलपीजी उपभोक्ता हैं। लखनऊ (15 लाख), प्रयागराज, आगरा, गोरखपुर और गाजियाबाद शीर्ष पर हैं। इन 5 जिलों में कुल 65 लाख उपभोक्ता हैं।
दैनिक मांग
घरेलू एलपीजी: लगभग 10,000 मीट्रिक टन (10 TMT)।
व्यावसायिक/औद्योगिक: लगभग 500 मीट्रिक टन (0.5 TMT)।
वितरण नेटवर्क: प्रदेश में कुल 4,143 डिस्ट्रीब्यूटर सक्रिय हैं, जिनमें से 116 अकेले लखनऊ में सेवाएं दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देश
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में ईंधन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि सोशल मीडिया पर किल्लत की भ्रामक खबरें फैलाने वालों को चिह्नित किया जाए। गैस सिलिंडर या पेट्रोल की जमाखोरी करने वालों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई हो। जिला स्तर पर अधिकारी पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण करें।
उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सलाह
तेल कंपनियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे घबराहट में अतिरिक्त बुकिंग न करें।
IVRS लाइन व्यस्त होने पर उपभोक्ता SMS, मिस्ड कॉल या मोबाइल ऐप जैसे डिजिटल माध्यमों का उपयोग करें।
जरूरत होने पर ही सिलिंडर बुक करें और एक साथ कई बुकिंग करने से बचें ताकि सप्लाई चेन पर अनावश्यक दबाव न पड़े।
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