बिहार में इस बार बड़े भाई और छोटे भाई की भूमिका नहीं… बीजेपी अध्यक्ष के बयान ने बढ़ाई सियासी हलचल

Sandesh Wahak Digital Desk: बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान जल्द होने वाला है, और जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, राज्य में सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस बीच, बिहार बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल का एक बयान चर्चा का केंद्र बन गया है, जो बिहार की सियासत में भूचाल ला सकता है, खासकर जेडीयू के लिए। उनका यह बयान जेडीयू और बीजेपी के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर एक नई बहस की शुरुआत कर सकता है।

इस बार कोई बड़े भाई और छोटे भाई की भूमिका नहीं

दरअसल दिलीप जायसवाल ने शनिवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि, इस बार कोई बड़े भाई और छोटे भाई की भूमिका नहीं है। एनडीए चुनाव लड़ेगा, और अलग-अलग दलों के तौर पर मत देखिए। उनका यह बयान सीधे तौर पर जेडीयू की पारंपरिक भूमिका पर सवाल खड़ा करता है, क्योंकि जेडीयू हमेशा एनडीए में ‘बड़े भाई’ की भूमिका में रही है। जायसवाल ने आगे कहा कि हम लोग एकजुट हैं।

जिलावार कार्यकर्ता सम्मेलन हो चुका है और एक हफ्ते के अंदर सीटों का बंटवारा भी हो जाएगा। उनके इस बयान ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है, क्योंकि यह स्पष्ट रूप से संकेत देता है कि इस बार सीटों के बंटवारे में बीजेपी और जेडीयू के बीच समान हिस्सेदारी हो सकती है, जिससे जेडीयू को संभावित नुकसान हो सकता है।

बीजेपी के नेतृत्व में एनडीए की उम्मीदें

जायसवाल ने यह भी कहा कि केंद्र और बिहार सरकार ने लगातार बिहार के विकास के लिए योजनाएं बनाई हैं। उन्होंने कहा, हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यक्रमों के माध्यम से बिहार में विकास हो रहा है। बीजेपी का मानना है कि बिहार के युवाओं को वही काम मिलेगा, जो एनडीए सरकार ही कर सकती है।

वहीं इस बयान के जरिए बीजेपी ने महागठबंधन पर एक बार फिर निशाना साधा और दावा किया कि महागठबंधन इस समय तनाव में है, क्योंकि एनडीए ने इतने सारे कार्य किए हैं कि विपक्ष के पास अब कहने के लिए कोई मुद्दा नहीं बचा है। बीजेपी का यह भी कहना है कि एनडीए सरकार हर वर्ग के लिए काम कर रही है, और इस पर विपक्ष कोई ठोस जवाब नहीं दे पा रहा है।

महागठबंधन पर बीजेपी की दावेदारी

यहां दिलीप जायसवाल ने यह भी कहा कि, महागठबंधन के नेता यह समझने में असमर्थ हैं कि बिहार में इतना तेजी से विकास हो रहा है, और उनके पास कोई मजबूत मुद्दा नहीं है। बिहार में बीजेपी चुनाव समिति की बैठक कर रही है, जिसमें सिटिंग सीटों पर उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया शुरू हो रही है। जायसवाल का कहना है कि एनडीए की स्थिति इस बार भी मजबूत रहेगी।

जेडीयू की प्रतिक्रिया

वहीं जेडीयू ने दिलीप जायसवाल के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। जेडीयू प्रवक्ता अरविंद निषाद ने कहा है कि, पिछले 20 वर्षों से जेडीयू एनडीए में बड़े भाई की भूमिका में है, और नीतीश कुमार मुख्यमंत्री के पद पर हैं। 2025-30 में भी जेडीयू एनडीए में बड़े भाई की भूमिका में रहेगा और भारी बहुमत से सरकार बनेगी। मुख्यमंत्री के पद पर फिर नीतीश कुमार ही विराजमान होंगे। अरविंद निषाद ने यह भी कहा कि इस समय बीजेपी के बयानों में कोई किंतु-परंतु या शंका नहीं हो सकती। जेडीयू के लिए यह सुनिश्चित है कि अगले चुनाव में नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री पद पर रहेंगे।

चुनावी समीकरण में बदलाव की संभावना

वहीं अब ऐसा मन जा रहा है कि दिलीप जायसवाल का यह बयान बिहार की राजनीति में नया मोड़ ला सकता है। बीजेपी ने संकेत दिया है कि इस बार गठबंधन में सीटों का बंटवारा पहले की तुलना में अलग होगा। जहां एक ओर जेडीयू अपनी बड़े भाई की स्थिति को बनाए रखना चाहती है, वहीं बीजेपी इस बार समान हिस्सेदारी की ओर बढ़ रही है।

इससे चुनावी समीकरण में बदलाव हो सकता है, और यह देखना होगा कि जेडीयू इस स्थिति को कैसे संभालती है। बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान होने में अब कुछ ही समय बाकी है। चुनावी मैदान में उतरने से पहले इस तरह के बयान और गठबंधन की रणनीतियों से राज्य की राजनीति में हलचल और गहरे सियासी बदलाव की संभावना बन गई है।

Also Read: IND vs AUS ODI Series: शुभमन गिल बने टीम इंडिया के नए वनडे कप्तान, विराट और रोहित टीम में बरकरार

Get real time updates directly on you device, subscribe now.