दूसरी जाति में शादी पर गांव में बवाल, महिला सिपाही के परिवार का हुक्का-पानी बंद

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के झांसी ज़िले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला सिपाही की अंतरजातीय शादी के बाद उसका पूरा परिवार सामाजिक बहिष्कार का शिकार हो गया है। यह घटना टोड़ी फतेहपुर थाना क्षेत्र के बचेरा गांव की है।

प्यार से शादी, गांववालों को नागवार

चिरंजी लाल नामक ग्रामीण ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उनकी बेटी लखनऊ में कांस्टेबल है और उसने वहीं एक दारोगा, जो कि पटेल समाज से है, से 30 अप्रैल 2025 को शादी की। दोनों परिवारों की रजामंदी से यह शादी हुई, किसी को कोई ऐतराज़ नहीं था। लेकिन गांव में कुछ लोगों को यह बात पसंद नहीं आई।

पंचायत का फरमान, बहिष्कार और जुर्माना

शादी के कुछ दिनों बाद ही गांव के एक व्यक्ति संतोष यादव ने मंदिर पर पंचायत बुला ली। पंचायत में अंतरजातीय विवाह को लेकर विरोध जताया गया और चिरंजी लाल के परिवार का हुक्का पानी यानी सामाजिक संबंध पूरी तरह से तोड़ दिए गए। इतना ही नहीं, यह भी ऐलान किया गया कि अगर कोई गांववाला इस परिवार से बात करता है, तो उसे पांच जूते मारने और 50 हजार रुपये जुर्माना भरने की सज़ा दी जाएगी।

महिला सिपाही के चाचा वीरेंद्र यादव ने बताया कि गांव में अब कोई उनसे बात नहीं करता, जिससे उन्हें वहां रहना बेहद मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि परिवार को शादी से कोई ऐतराज़ नहीं था, लेकिन अब उन्हें बेवजह सज़ा मिल रही है। पीड़ित परिवार ने इस मामले को लेकर पुलिस में शिकायत की है। साथ ही एक वीडियो सबूत के तौर पर सौंपा गया है, जिसमें पंचायत होती और लोग मौजूद दिखाई दे रहे हैं। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी संतोष यादव के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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