‘यह सत्ता के नशे में किया गया अपमान है’, हिजाब विवाद पर सिद्धार्थनगर में AIMIM का बड़ा प्रदर्शन
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के जनपद सिद्धार्थनगर में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने हिजाब से जुड़े हालिया घटनाक्रम को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। जिला अध्यक्ष नशात अली के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति और राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और मंत्री संजय निषाद के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है।

“संवैधानिक मर्यादाओं का बलात्कार”: AIMIM
जिला अध्यक्ष नशात अली ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा महिला के धार्मिक पहनावे (हिजाब) को सार्वजनिक रूप से खींचना कोई साधारण बात नहीं है। उन्होंने इसे धार्मिक दमन और संविधान विरोधी कृत्य करार दिया।
मंत्री संजय निषाद द्वारा इस घटना पर दिए गए कथित बयान “हिजाब ही तो खींचा है, कुछ और तो नहीं किया” को पार्टी ने महिलाओं की गरिमा को तुच्छ बताने वाला और अपराधी मानसिकता को बढ़ावा देने वाला बताया।
संवैधानिक और न्यायिक प्रावधानों का हवाला
पार्टी ने ज्ञापन में स्पष्ट किया कि यह प्रकरण संविधान के कई अनुच्छेदों और कानूनी धाराओं का घोर उल्लंघन है। अनुच्छेद 14 (समानता), अनुच्छेद 15 (भेदभाव), अनुच्छेद 21 (गरिमा का अधिकार) और अनुच्छेद 25 (धार्मिक स्वतंत्रता)। भारतीय न्याय संहिता की धारा 74 (मर्यादा भंग) और धारा 79 (लज्जा का अपमान)।
पार्टी ने ‘विशाखा बनाम राजस्थान राज्य’ और ‘NALSA’ जैसे ऐतिहासिक फैसलों का हवाला देते हुए महिला गरिमा को सर्वोपरि बताया।
AIMIM की 5 प्रमुख मांगें
- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस घटना के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
- विवादित बयान देने वाले मंत्री संजय निषाद को मंत्रिमंडल से तत्काल बर्खास्त किया जाए।
- पूरे मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच सुनिश्चित की जाए।
- पीड़ित महिला चिकित्सक को सुरक्षा और मुआवजा प्रदान किया जाए।
- सत्ताधारी व्यक्तियों द्वारा महिला अपमान पर ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति लागू हो।
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख पदाधिकारी
इस अवसर पर यूथ जिला अध्यक्ष मेराज चौधरी, जिला मुख्य महासचिव नईम अख्तर अंसारी, इरफान अहमद, हिदायतुल्लाह शम्सी, खान रिज़वान और शकील अहमद सहित भारी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो पार्टी जनांदोलन का मार्ग अपनाएगी।
रिपोर्ट: जाकिर खान
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