दिल्ली-एनसीआर में जहरीली हवा का कहर, गंभीर स्तर पर AQI
Sandesh Wahak Digital Desk: दिल्ली-एनसीआर में सोमवार को वायु प्रदूषण ने खतरनाक रूप ले लिया। पूरे इलाके में जहरीले स्मॉग की मोटी परत छाई रही और एयर क्वॉलिटी इंडेक्स (AQI) ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक दिल्ली के 40 में से 27 निगरानी केंद्रों पर हवा ‘सीवियर’ कैटेगरी में दर्ज की गई। वजीरपुर में AQI 500 तक पहुंच गया, जो अधिकतम सीमा है। सीपीसीबी के अनुसार इससे ऊपर AQI दर्ज नहीं किया जाता।
कोहरे और प्रदूषण से फ्लाइट ऑपरेशन प्रभावित
घनी धुंध और खराब दृश्यता का असर दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी देखने को मिला। सोमवार को दिल्ली एयरपोर्ट से कई एयरलाइंस ने 228 फ्लाइट्स कैंसिल कर दीं, जबकि 5 फ्लाइट्स को दूसरे एयरपोर्ट पर डायवर्ट किया गया। इसके अलावा करीब 250 उड़ानें देरी से संचालित हुईं।
स्कूलों में ऑनलाइन और हाइब्रिड पढ़ाई का आदेश
प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने एहतियाती कदम उठाए हैं। सरकार ने 5वीं कक्षा तक के स्कूलों को ऑनलाइन मोड में चलाने और 11वीं तक के स्कूलों को हाइब्रिड मोड पर संचालित करने का आदेश दिया है।

कोर्ट ने दी हाइब्रिड मोड में पेशी की सलाह
इस बीच, चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने वकीलों और पक्षकारों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हाइब्रिड मोड में पेश होने की सलाह दी है। वायु प्रदूषण से जुड़ी याचिका पर 17 दिसंबर को सुनवाई की जाएगी।
प्रदूषण का असर जानवरों पर भी, बीमारियां बढ़ीं
वायु प्रदूषण का असर सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि पालतू जानवरों और पक्षियों पर भी गंभीर प्रभाव दिख रहा है। पशु चिकित्सकों के अनुसार सांस की तकलीफ, आंखों में जलन, संक्रमण और पेट से जुड़ी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़े हैं। डॉक्टरों का कहना है कि पीएम 2.5 जैसे सूक्ष्म कण जानवरों के फेफड़ों से खून में चले जाते हैं, जिससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो रही है।
हाउस ऑफ स्ट्रे एनिमल्स एनजीओ के संस्थापक और पशु चिकित्सक डॉ. संजय मोहपात्रा के अनुसार, पिछले डेढ़ महीने में 55 से 60 कुत्तों और बिल्लियों में फेफड़ों की गंभीर समस्या सामने आई है। इनमें खांसी, बुखार, आंख और नाक से स्राव के साथ कुछ मामलों में निमोनिया तक की स्थिति देखी गई है।
सर्वे में खुलासा, 82% लोगों के करीबी बीमार
दिल्ली-एनसीआर की जहरीली हवा का सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। लोकलसर्कल्स के ताजा सर्वे में सामने आया है कि 82% लोगों के करीबी सर्कल में कोई न कोई व्यक्ति गंभीर बीमारी से जूझ रहा है, जिसकी वजह वायु प्रदूषण है। वहीं, 28% लोगों ने बताया कि उनके चार या उससे अधिक जानने वालों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हैं।
वीआईपी मूवमेंट पर भी प्रदूषण का असर
खराब मौसम और घने कोहरे का असर वीआईपी कार्यक्रमों पर भी पड़ा। भारत आए अर्जेंटीना के फुटबॉलर लियोनल मेसी खराब मौसम के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नहीं मिल सके। मेसी की मुंबई से दिल्ली आने वाली चार्टर्ड फ्लाइट को कोहरे की वजह से देरी से उड़ान भरनी पड़ी। वहीं प्रधानमंत्री भी एक घंटे की देरी से तीन देशों की यात्रा पर रवाना हुए। मेसी की पीएम मोदी से सुबह के समय मुलाकात तय थी।
सीएक्यूएम ने शनिवार को पहले ग्रैप-3 और फिर ग्रैप-4 लागू किया, लेकिन इसके बावजूद प्रदूषण की स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ। ग्रैप-4 के तहत 50% कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम, बीएस-4 बड़े व्यावसायिक वाहनों की एंट्री पर रोक, निर्माण कार्य बंद, स्कूलों को हाइब्रिड मोड में चलाने, कचरा और ईंधन जलाने पर प्रतिबंध, डीजल जेनरेटर, आरएमसी प्लांट, स्टोन क्रशर, ईंट भट्ठे और खनन गतिविधियों पर रोक लगाई गई है। कच्ची सड़कों पर निर्माण सामग्री के परिवहन पर भी प्रतिबंध है।
अगले छह दिन भी गंभीर रहने का अनुमान
एयर क्वालिटी अर्ली वार्निंग सिस्टम के अनुसार, अगले छह दिनों तक दिल्ली-एनसीआर की हवा बहुत खराब श्रेणी में बने रहने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि मौजूदा औसत हवा की गति 10 किलोमीटर प्रति घंटे से कम है, जो प्रदूषकों के फैलाव के लिए अनुकूल नहीं है।
रविवार को वजीरपुर स्थित एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन ने दिन के समय अधिकतम संभव AQI 500 दर्ज किया। यह आंकड़ा इससे भी अधिक बताया जा रहा है, हालांकि सीपीसीबी का सिस्टम 500 से ऊपर का डेटा रजिस्टर नहीं करता।

