Lucknow News : व्यापारियों का फूटा गुस्सा, दमनकारी जीएसटी कार्रवाई के खिलाफ मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के व्यापारियों में इन दिनों जीएसटी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर गहरा आक्रोश है। इसी के मद्देनजर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने शुक्रवार को एक बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि राज्य कर विभाग द्वारा कई महीनों से दमनात्मक नीति अपनाई जा रही है, जिससे व्यापारियों का आर्थिक और मानसिक शोषण हो रहा है।
बिना जानकारी के सीज किए जा रहे बैंक खाते
ज्ञापन में कहा गया कि जीएसटी विभाग द्वारा ईमेल के माध्यम से नोटिस भेजे जाते हैं, जिन्हें कई व्यापारी समय पर देख ही नहीं पाते। परिणामस्वरूप उनके बैंक खाते सीज कर दिए जाते हैं और खातों से धनराशि की निकासी तक कर ली जाती है। व्यापारी न तो समय पर नोटिस देख पाते हैं और न ही ग्रेड-1 अधिकारी के पास अपील कर पाते हैं।
ट्रिब्यूनल नहीं, न इंसाफ की गुंजाइश
व्यापार मंडल ने चिंता जताई कि सरकार द्वारा वित्तीय ट्रिब्यूनल गठित करने की घोषणा के बावजूद अब तक कोई ट्रिब्यूनल अस्तित्व में नहीं आया है, जिससे व्यापारी दूसरी अपील भी नहीं कर पा रहे। एक ओर सिस्टम से जवाबदेही की बात होती है, दूसरी ओर व्यापारी न्याय से वंचित हैं।
5000 रुपये में स्कूटी, 10000 में पुराना सोफा जब्त
ज्ञापन में हाल ही के दो चौंकाने वाले मामलों का उल्लेख किया गया –
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झांसी में मात्र ₹5000 की बकाया राशि पर एक व्यापारी की स्कूटी जप्त की गई।
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₹10000 की वसूली के लिए एक अन्य व्यापारी का पुराना सोफा सेट जब्त कर लिया गया।
व्यापारियों का कहना है कि यह न केवल अनुचित है, बल्कि व्यापारी सम्मान के विरुद्ध भी है।
सर्वे के नाम पर उत्पीड़न और वसूली
व्यापारियों ने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई जिलों में सर्वे के नाम पर जीएसटी अधिकारी व्यापारियों को अनैतिक रूप से परेशान कर रहे हैं। वहीं, सचल दल (मोबाइल टीम) द्वारा मानवीय भूलों पर भी भारी पेनल्टी लगाकर जुर्माना वसूला जा रहा है। इसके बाद व्यापारियों को रिफंड के नाम पर अपील करने को कहा जाता है, जिससे भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिल रहा है और सरकार की छवि भी खराब हो रही है।
धारा 79 का दुरुपयोग, स्पीकिंग ऑर्डर नहीं
ज्ञापन में यह भी कहा गया कि जीएसटी की धारा 79 का दुरुपयोग कर अधिकारियों द्वारा ‘गुड वर्क’ दिखाने के दबाव में व्यापारियों को निशाना बनाया जा रहा है। व्यापारी यह भी कह रहे हैं कि उन्हें कोई स्पीकिंग ऑर्डर (कारण सहित आदेश) नहीं दिया जाता, जिससे वे अपील तक नहीं कर पाते।
व्यापारियों की प्रमुख मांगें
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जीएसटी की दरों में कटौती की जाए।
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इनकम टैक्स की तरह रिवाइज्ड रिटर्न की सुविधा दी जाए।
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गुड़ से संबंधित सेवाओं जैसे भंडारण, ट्रांसपोर्ट, आढ़त आदि को जीएसटी से मुक्त किया जाए।
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राज्य कर विभाग की कार्यशैली में सुधार लाया जाए और व्यापारियों के खिलाफ हो रही अपमानजनक कार्रवाई पर तत्काल रोक लगे।
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व्यापारियों के कर सलाहकारों की सूची सार्वजनिक की जाए ताकि समय रहते समाधान हो सके।
ज्ञापन सौंपने में प्रमुख व्यापारी नेता रहे मौजूद
इस मौके पर वरिष्ठ प्रांतीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक अशोक कंसल, जिला महामंत्री श्याम सिंह सैनी, जिला मीडिया प्रभारी हिमांशु कौशिक, नगर अध्यक्ष अजय सिंघल, नगर महामंत्री प्रवीण खेड़ा, राकेश गर्ग, अलका शर्मा, संजय मित्तल, पंकज शर्मा, अमित मित्तल समेत दर्जनों व्यापारी नेता मौजूद रहे।
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