संभल में दर्दनाक हादसा, दूल्हे समेत 8 की मौत, मातम में बदलीं शादी की खुशियां
Sandesh Wahak Digital Desk: शादी का जश्न था, परिवार में खुशी का माहौल था, लेकिन चंद मिनटों में सब कुछ तबाह हो गया। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में शुक्रवार शाम एक भयानक सड़क हादसे में दूल्हे समेत आठ लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसा उस वक्त हुआ जब बरातियों से भरी बोलेरो गाड़ी अनियंत्रित होकर एक इंटर कॉलेज की दीवार से टकरा गई। इस भीषण टक्कर में बोलेरो के परखच्चे उड़ गए और कई जिंदगियां हमेशा के लिए थम गईं।
कैसे हुआ हादसा?
यह हादसा जुनावई थाना क्षेत्र के मेरठ-बदायूं रोड पर शाम करीब 7:30 बजे हुआ। हरगोविंदपुर गांव निवासी सुखराम के बेटे सूरज पाल (20) की शादी बदायूं के सिरसौल गांव में तय थी। बरात में कुल 11 गाड़ियां गई थीं, जिनमें से एक बोलेरो पीछे रह गई। इसी बोलेरो में दूल्हा सूरज समेत 10 लोग सवार थे।
जब गाड़ी जुनावई के जनता इंटर कॉलेज के पास पहुंची, तो तेज रफ्तार के चलते ड्राइवर नियंत्रण खो बैठा और बोलेरो सीधे कॉलेज की दीवार से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए और सभी सवार बुरी तरह घायल हो गए।
जिन्होंने इस हादसे में जान गंवाई:
- सूरज पाल (20) – दूल्हा
- कोमल (15) – दूल्हे की बहन
- आशा (26) – दूल्हे की चाची
- एश्वर्या (3) – दूल्हे की चचेरी बहन
- सचिन (22) – चाचा, निवासी हींगवाड़ी, बुलंदशहर
- मधु (20) – सचिन की पत्नी
- गणेश (2) – ममेरा भाई, निवासी खुर्जा
- रवि (28) – बोलेरो का चालक
जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल – हिमांशी और देवा – को अलीगढ़ के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
शादी का घर बना मातम का गवाह
हादसे की सूचना मिलते ही शादी का घर मातम में बदल गया। जहां दिन में ढोल-नगाड़े बज रहे थे, वहीं रात को रोने की आवाजें गूंजने लगीं। परिजन मौके पर पहुंचे तो नज़ारा दिल दहला देने वाला था।
संभल के एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि हादसा तेज रफ्तार की वजह से हुआ। बोलेरो इतनी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी कि घायलों को निकालने के लिए क्रेन और जेसीबी की मदद लेनी पड़ी।
परिवार का राजस्थान से जुड़ाव
सुखराम का परिवार राजस्थान के भीड़वाड़ा में रहकर मजदूरी करता है। बेटे की शादी के लिए वे एक महीने पहले ही अपने पैतृक गांव हरगोविंदपुर लौटे थे। सारी रस्में पूरी करने के बाद, शादी के बाद फिर से राजस्थान लौटने की योजना थी। लेकिन इस हादसे ने पूरे परिवार को उजाड़ दिया।
स्थानीय लोगों ने बताया क्या हुआ?
धनीपुर गांव निवासी राजू, जो हादसे के चश्मदीद हैं, ने बताया, “कार की रफ्तार काफी तेज थी। अचानक पलटी और जोर का धमाका हुआ। जब हम पहुंचे तो लोग अंदर फंसे हुए थे। बोलेरो की खिड़कियां जाम हो गई थीं, हाथ से नहीं खुल रही थीं। जेसीबी मंगवाकर गाड़ी को सीधा किया और दरवाजे तोड़े गए, तब जाकर लोगों को निकाला गया।”
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