सरदार पटेल को श्रद्धांजलि: कांग्रेस कार्यालय में मनाया गया ‘लौह पुरुष’ का परिनिर्वाण दिवस

Sandesh Wahak Digital Desk: महान स्वतंत्रता सेनानी, कुशल प्रशासक और आधुनिक भारत के निर्माता कहे जाने वाले “लौह पुरुष” सरदार वल्लभ भाई पटेल के परिनिर्वाण दिवस के अवसर पर आज लखनऊ में स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कांग्रेसजनों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए।

व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश

इस अवसर पर, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी मीडिया विभाग के वाइस चेयरमैन मनीष हिंदवी ने सरदार पटेल के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल अत्यंत कठोर निर्णय लेने वाले, अनुशासनप्रिय और निर्भीक नेता थे, जो राष्ट्रीय हित के लिए किसी भी दबाव के आगे नहीं झुके। उनका जीवन अत्यंत सादा था। वे आडंबर से दूर रहते थे और ईमानदारी को राजनीति का आधार मानते थे।

राष्ट्रीय योगदान

हिंदवी ने सरदार पटेल के राष्ट्रीय योगदान पर बात करते हुए बताया। उन्होंने खेड़ा सत्याग्रह (1918) और बारडोली सत्याग्रह (1928) का सफल नेतृत्व किया। बारडोली आंदोलन की सफलता के बाद ही जनता ने उन्हें “सरदार” की उपाधि दी थी।

स्वतंत्र भारत के पहले उप-प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के रूप में, सरदार पटेल ने स्वतंत्रता के समय देश की लगभग 565 रियासतों का सफलतापूर्वक भारत में विलय कराया, जिसने देश की एकता की नींव रखी।

एकता के प्रहरी

मनीष हिंदवी ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का व्यक्तित्व दृढ़ता, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक था, जबकि उनका कार्य भारत की एकता और प्रशासनिक मजबूती का आधार बना। उनका जीवन हमें सिखाता है कि राष्ट्रीय एकता, दृढ़ नेतृत्व और ईमानदारी से ही राष्ट्र का निर्माण होता है।

इस मौके पर पूर्व सैनिक विभाग के वाइस चेयरमैन सुभाष मिश्र, मनीष हिंदवी, संजय शर्मा सहित कई अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी लौह पुरुष को श्रद्धासुमन अर्पित किए।

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