ईरान के पास न परमाणु हथियार है, न होगा, ट्रंप का दावा- अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में तेहरान का न्यूक्लियर ढांचा पूरी तरह तबाह

Sandesh Wahak Digital Desk: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नॉर्दर्न केंटकी यूनिवर्सिटी के ट्रूइस्ट एरिना में आयोजित एक विशाल रिपब्लिकन चुनावी रैली के दौरान ईरान के खिलाफ हाल ही में की गई अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के फैसले का पुरजोर बचाव किया है। अपने दूसरे राष्ट्रपति कार्यकाल की सबसे बड़ी राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति की उपलब्धि का बखान करते हुए ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी सेना के सटीक हमलों के जरिए ईरान की परमाणु हथियार बनाने की पूरी क्षमता को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कड़े शब्दों में कहा कि तेहरान को भविष्य में भी कभी यह क्षमता दोबारा हासिल करने नहीं दी जाएगी, क्योंकि परमाणु हथियारों से लैस ईरान पूरी दुनिया के लिए एक अत्यंत गंभीर खतरा बन चुका था।

अगर उनके पास एटमी हथियार होता तो वे इस्तेमाल कर लेते

अपने समर्थकों की गड़गड़ाहट के बीच राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, ईरान किसी भी सूरत में परमाणु हथियार नहीं रख सकता। ऐसा कभी नहीं हो सकता, क्योंकि यदि उनके पास यह ताकत आ जाती, तो वे निसंदेह इसका इस्तेमाल कर देते। उन्होंने बताया कि अमेरिकी सेना ने बेहद सफलतापूर्वक ईरान के परमाणु तंत्र और संबंधित बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने रक्षा और सुरक्षा अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे ईरान का यह न्यूक्लियर कार्यक्रम कभी दोबारा खड़ा न हो सके।

सैन्य अभियान के बाद तेजी से गिरेंगी पेट्रोल-डीजल की कीमतें

मध्य पूर्व के इस सैन्य अभियान से आर्थिक प्राथमिकताओं पर पड़े असर पर बात करते हुए ट्रंप ने माना कि इस कार्रवाई के कारण अमेरिका को अपने अतिरिक्त वित्तीय संसाधन और ध्यान मध्य पूर्व में लगाना पड़ा। हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान को परमाणु शक्ति बनने से रोकना किसी भी तात्कालिक आर्थिक प्रभाव से कहीं अधिक महत्वपूर्ण था। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह सैन्य ऑपरेशन बहुत जल्द खत्म होने वाला है और इसके समाप्त होते ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा की दरें तेजी से गिरेंगी, जिससे आम जनता के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतें पहले से भी काफी नीचे आ जाएंगी।

डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्ववर्ती अमेरिकी सरकारों की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस गंभीर खतरे का समाधान बहुत पहले ही हो जाना चाहिए था, लेकिन उनकी सरकार ने देश की सुरक्षा के लिए जरूरी इच्छाशक्ति और राजनीतिक दृढ़ता दिखाई है। उन्होंने ईरान के खिलाफ इस कार्रवाई को अपनी व्यापक विदेश नीति के तहत वेनेजुएला और ग्रीनलैंड से जुड़े कूटनीतिक घटनाक्रमों से भी जोड़ा। इसके साथ ही, ट्रंप ने बताया कि रिपब्लिकन बहुमत वाली कांग्रेस के सहयोग से उनकी सरकार ने रक्षा बजट में एक ट्रिलियन डॉलर से अधिक की रिकॉर्ड फंडिंग मुहैया कराई है, जिससे अमेरिका आज दुनिया की सबसे अभेद्य सैन्य शक्ति बन चुका है।

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