ट्रंप ने नम आंखों से दी छह शहीदों को सलामी, ईरान के साथ संघर्ष में गई थी जान

Sandesh Wahak Digital Desk: ईरान के साथ जारी सैन्य संघर्ष के बीच कुवैत में शहीद हुए छह अमेरिकी सैनिकों के पार्थिव शरीर शनिवार को अमेरिका की धरती पर पहुंचे। डेलावेयर के डोवर एयर फोर्स बेस पर आयोजित एक गंभीर स्थानांतरण प्रक्रिया (Dignified Transfer) के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रंप और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इन वीर जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

स्थानीय समयानुसार शनिवार दोपहर जब विमान रनवे पर उतरा, तो राष्ट्रपति ट्रंप ने नेवी ब्लू सूट और अपनी सिग्नेचर ‘USA’ लिखी कैप पहनकर हर शहीद के पार्थिव शरीर को सैल्यूट किया। मिलिट्री ऑनर गार्ड्स ने बेहद सम्मान के साथ एक-एक करके ट्रांसफर केस को विमान से बाहर निकाला। इस दौरान रक्षा सचिव पीट हेगसेथ और व्हाइट हाउस के तमाम वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

कुवैत के पोर्ट शुआइबा में हुआ था हमला

ये छह सैनिक 1 मार्च को कुवैत के पोर्ट शुआइबा में हुए एक ड्रोन हमले का शिकार हुए थे। ये सभी जवान मुख्य रूप से आयोवा स्थित ‘103 सस्टेनमेंट कमांड’ में तैनात थे। शहीद होने वालों में मेजर से लेकर सार्जेंट रैंक के अधिकारी शामिल थे।

आयोवा से: मेजर जेफरी आर. ओ’ब्रायन, सार्जेंट डेक्लान जे. कोडी।

फ्लोरिडा से: कैप्टन कोडी ए. खोर्क।

कैलिफोर्निया से: चीफ वारंट ऑफिसर रॉबर्ट एम. मार्जन।

मिनेसोटा से: सार्जेंट फर्स्ट क्लास निकोल एम. अमोर।

नेब्रास्का से: सार्जेंट फर्स्ट क्लास नोआ एल. टिटजेंस।

विमान के पास ही शहीदों के परिवार वाले खड़े थे, जिनकी आंखों में अपने अपनों को खोने का गहरा दुख साफ झलक रहा था। राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के अलावा फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डेसेंटिस और आयोवा की गवर्नर किम रेनॉल्ड्स ने भी शोक संतप्त परिवारों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी।

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