ट्रंप का सुपरपावर प्लान, ग्रीनलैंड पर अमेरिकी दावों से नाटो और डेनमार्क में हड़कंप
Sandesh Wahak Digital Desk: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने अमेरिका फर्स्ट एजेंडे को धार देते हुए देश के सैन्य खर्च में भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया है। वेनेजुएला के ताजा घटनाक्रमों और चीन-रूस के साथ जारी तनातनी के बीच ट्रंप ने वित्त वर्ष 2027 के लिए रक्षा बजट को 1.5 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने की इच्छा जताई है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि अमेरिका को सुरक्षित रखने के लिए 1 ट्रिलियन डॉलर काफी नहीं है। उन्होंने कहा, ट्रंप का दावा है कि दूसरे देशों पर लगाए गए आयात शुल्क (टैरिफ) से इतनी कमाई हो रही है कि इस भारी-भरकम बजट का बोझ उठाया जा सके। ट्रंप ने विश्वास जताया कि सैन्य खर्च बढ़ाने के बावजूद वह अमेरिका का कर्ज घटाने और मध्यम वर्ग को फायदा पहुँचाने में सफल रहेंगे। उन्होंने बाइडेन प्रशासन को कम राजस्व के लिए जिम्मेदार ठहराया, हालांकि उन्होंने इसके कोई ठोस आंकड़े पेश नहीं किए।
बजट के साथ-साथ ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप प्रशासन की टिप्पणियों ने वाशिंगटन और यूरोप में सियासी तूफान खड़ा कर दिया है। प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने पुष्टि की है कि ग्रीनलैंड को हासिल करने का मुद्दा राष्ट्रपति और उनकी सुरक्षा टीम के बीच ‘सक्रिय चर्चा’ में है। इसे आर्कटिक में रूस और चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने की रणनीति बताया जा रहा है। विवाद तब और गहरा गया जब डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर की पत्नी कैटी मिलर ने ग्रीनलैंड पर अमेरिकी झंडे वाली एक तस्वीर पोस्ट कर ‘जल्द’ (Coming Soon) लिख दिया। डेनमार्क ने इस पर सख्त नाराजगी जाहिर की है।

