UP News: फर्जी परमिट से बस चलाने वाले गैंग के 2 लोग दिल्ली और लखनऊ से गिरफ्तार, STF ने की कार्रवाई
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने भारत-नेपाल सीमा पर कूटरचित (फर्जी) विशेष परमिटों का उपयोग कर अवैध रूप से अंतर्राष्ट्रीय बस संचालन करने वाले एक सक्रिय गैंग के दो सदस्यों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है।
गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी
एसटीएफ ने 12/13 अक्टूबर की रात यह कार्रवाई की।
गिरफ्तार अभियुक्त
राम प्रसाद (नई दिल्ली) – गैंग का मुख्य संचालक।
बाले थापा उर्फ बालकिशन (नागालैंड) – बस चालक।
बरामद सामान
- 11 अदद कूटरचित (फर्जी) भारत-नेपाल यात्रा परमिट।
- 01 अदद लैपटाप (कूटरचना में प्रयुक्त)।
- 01 अदद बस (टाटा मोटर्स, नं. UP81 CT 4920)।
- 03 अदद मोबाइल फोन।
फर्जीवाड़े का खुलासा
इस गैंग के अवैध संचालन की सूचना परिवहन आयुक्त, उत्तर प्रदेश, द्वारा एसटीएफ को दी गई थी। जांच में पता चला कि बस संख्या UP81 CT 4920 का संचालक कूटरचित परमिटों के माध्यम से अवैध रूप से दिल्ली से नेपाल के बीच बस चला रहा था।
गिरफ्तार मुख्य आरोपी राम प्रसाद, जो ‘चाचा-चाची ट्रेवेल्स’ के नाम से टूर एंड ट्रेवल्स एजेंसी चलाता है, ने पूछताछ में बताया कि एम्बेसी या काउंसलेट से परमिट लेने की लंबी और कठोर प्रक्रिया से बचने के लिए वे यह फर्जीवाड़ा करते थे। वे आरटीओ द्वारा जारी परमिटों में कूटरचना करके नेपाल रूट को जोड़ देते थे और उसकी PDF तैयार कर अवैध रूप से बस चलाते थे। उसने बताया कि इस फर्जीवाड़े में उसका बेटा मिलन शर्मा उर्फ सरोज और ड्राइवर बाले थापा शामिल हैं।
राम प्रसाद को दिल्ली के सागरपुर से गिरफ्तार किया गया, जबकि चालक बाले थापा को सोनौली बॉर्डर की ओर जा रही बस के साथ लखनऊ के किसान पथ से हिरासत में लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों को अलीगढ़ के थाना बन्नादेवी में पूर्व में दर्ज मुकदमे में दाखिल कर दिया गया है।
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