UCC से मिल सकता है देश की एकात्मकता को सहारा: Mohan Bhagwat
Sandesh Wahak Digital Desk: संघ प्रमुख Mohan Bhagwat ने समान नागरिक संहिता यानी UCC और यूजीसी को लेकर प्रतिक्रिया दी है। उत्तराखंड के देहरादून में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि UCC को लेकर यह देखना होगा कि विभाजन की भावना पहले से मौजूद है या इसके कारण पैदा हो रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां तक UCC का सवाल है, यह मामला अभी सुप्रीम कोर्ट के पास है और वहां से निर्णय आने के बाद ही उस पर विचार किया जाएगा।
UCC पर समर्थन और एकात्मकता की बात
मोहान भागवत ( Mohan Bhagwat) ने कहा कि UCC से देश की एकात्मकता को सहारा मिल सकता है और इसी रूप में वह इसका समर्थन करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत विविधताओं को मानने वाला देश है और प्रत्येक की अपनी विशिष्टता हो सकती है, लेकिन इसके बावजूद हम एक बनकर चल सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि नागरिक कानून समान हो तो आम लोगों के बीच एक साथ चलने की भावना मजबूत होती है और इसका लाभ समाज को मिलता है।
समाज को एक करने के लिए लाया गया कानून
संघ प्रमुख ( Mohan Bhagwat) ने कहा कि समाज को एक करने के उद्देश्य से यह कानून लाया गया है और वे इसका समर्थन करते हैं। उन्होंने बताया कि इसे लाने की प्रक्रिया में एक प्रस्ताव तैयार किया गया, जिसे सार्वजनिक डोमेन में रखा गया। इसके बाद तीन लाख लोगों के सुझाव प्राप्त हुए, जिन पर विचार किया गया। संवाद की प्रक्रिया के बाद प्रस्ताव लाया गया। उन्होंने कहा कि समान नागरिक कानून लोगों को एक बनाने के लिए लाया गया है और इसे स्वीकार करने में अत्यधिक कठिनाई नहीं होनी चाहिए।
प्रक्रिया को बताया बेहतर तरीका
भागवत ( Mohan Bhagwat) ने कहा कि किसी भी कानून के लागू होने से मतभेद और झगड़े दिखाई दे सकते हैं, लेकिन यदि उद्देश्य समाज को एक करना है तो यह एक अच्छी पहल है। उन्होंने कहा कि यदि पूरे देश में इस प्रकार की प्रक्रिया अपनाई जाए तो यह बेहतर होगा, लेकिन इसे संवाद और विचार-विमर्श की पद्धति से ही लागू किया जाना चाहिए।
उत्तराखंड में लागू हुआ UCC
उन्होंने ( Mohan Bhagwat) उल्लेख किया कि उत्तराखंड UCC लागू करने वाला भारत का पहला राज्य है। 27 जनवरी 2025 को यह कानून राज्य में लागू किया गया है। इस कदम को देश में एक नई पहल के रूप में देखा जा रहा है।
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