Unnao News: रेप केस में कुलदीप सेंगर के विरुद्ध सबूत पेश करने की अपील, हाई कोर्ट करेगा सुनवाई

Unnao News: उन्नाव रेप केस की पीड़िता ने गुरुवार को दिल्ली हाई कोर्ट में एक नई अर्जी दाखिल कर पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ और सबूत पेश करने की अपील की है। यह वही मामला है जिसमें सेंगर को दोषी ठहराया गया था और उसे उम्रकैद की सज़ा सुनाई गई थी। पीड़िता की यह अर्जी जस्टिस प्रतिभा एम सिंह और जस्टिस मधु जैन की डिवीजन बेंच के सामने सुनवाई के लिए आई, जहां कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अपील की सुनवाई अब अपने अंतिम चरण में है।

अब 25 फरवरी को होगी अगली सुनवाई

सुनवाई के दौरान पीड़िता की ओर से पेश हुए वकील महमूद प्राचा ने कोर्ट को बताया कि पीड़िता आगे और सबूत रिकॉर्ड कराना चाहती है और स्कूल रिकॉर्ड के अनुसार उसकी जन्मतिथि से जुड़े दस्तावेज समेत अन्य जरूरी कागजात पेश करना चाहती है। कोर्ट ने पाया कि इस अर्जी के साथ कोई डॉक्यूमेंट संलग्न नहीं किए गए हैं, इसलिए पीड़िता को 31 जनवरी तक सभी जरूरी दस्तावेज फाइल करने का निर्देश दिया गया है। कोर्ट ने कुलदीप सेंगर और सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन को भी दो सप्ताह के भीतर इस अर्जी पर अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। सेंगर की ओर से सीनियर एडवोकेट एन हरिहरन कोर्ट में पेश हुए।

इस मामले में इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने 23 दिसंबर 2025 को कुलदीप सेंगर की सज़ा सस्पेंड करते हुए उसे जमानत दे दी थी। हालांकि कुछ ही दिनों बाद 29 दिसंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश पर रोक लगा दी थी। पीड़िता ने सेंगर की वर्ष 2020 में दायर अपील में अतिरिक्त सबूत पेश करने के लिए यह नई अर्जी दाखिल की है, जिसमें ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई उम्रकैद की सज़ा और दोषसिद्धि को चुनौती दी गई है।

POCSO एक्ट को लेकर अदालत की टिप्पणी

कुलदीप सेंगर की सज़ा सस्पेंड करते समय हाई कोर्ट ने यह भी माना था कि उसके खिलाफ POCSO एक्ट के सेक्शन 5(c) के तहत अपराध पहली नज़र में नहीं बनता। कोर्ट ने यह टिप्पणी की थी कि यह मामला गंभीर पेनेट्रेटिव सेक्सुअल असॉल्ट की परिभाषा में फिट नहीं बैठता और सेंगर को POCSO एक्ट के सेक्शन 5(c) या IPC के सेक्शन 376(2)(b) के तहत पब्लिक सर्वेंट की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। जबकि ट्रायल कोर्ट ने पहले सेंगर को पब्लिक सर्वेंट मानते हुए गंभीर पेनेट्रेटिव सेक्सुअल असॉल्ट के तहत दोषी ठहराया था।

सीबीआई कोर्ट पहले ही सुना चुकी है सज़ा

कुलदीप सेंगर को वर्ष 2019 में उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में एक नाबालिग लड़की से रेप के मामले में स्पेशल CBI कोर्ट ने दोषी ठहराया था और उसे उम्रकैद की सज़ा सुनाई थी। इसके अलावा वह वर्ष 2020 में पीड़िता के पिता की गैर इरादतन हत्या से जुड़े एक अन्य मामले में भी दस साल की सज़ा काट रहा है। पीड़िता और उसके परिवार ने लगातार पूर्व विधायक और उसके साथियों पर परेशान करने और डराने धमकाने के आरोप लगाए थे। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर CBI ने पीड़िता के परिवार पर हुए हमलों सहित कई संबंधित मामलों की जांच भी की थी।

 

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