UP: अंबेडकरनगर में 18 फर्जी शिक्षक बर्खास्त, 9 राज्यों में फैला फर्जी डिग्री गिरोह पुलिस ने दबोचा
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले में परिषदीय स्कूलों की साख पर बट्टा लगा रहे 18 शिक्षकों को बेसिक शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। ये शिक्षक फर्जी डिग्री और जाली दस्तावेजों के सहारे सरकारी खजाने को चूना लगा रहे थे। वहीं, कानपुर पुलिस ने उस गिरोह का भी भंडाफोड़ किया है जो घर बैठे डिग्रियां बांटने का ‘धंधा’ चला रहा था।
अंबेडकरनगर: फर्जीवाड़ा खुला, अब होगी पाई-पाई की वसूली
अभिलेखों (Documents) के सत्यापन के दौरान पता चला कि इन 18 शिक्षकों ने नौकरी पाने के लिए हर तरह का झूठ बोला था। 14 शिक्षकों ने बीएड और बीए की फर्जी डिग्री लगाई थी, जबकि एक शिक्षक ने सीटीईटी (CTET) का जाली अंकपत्र इस्तेमाल किया था। हद तो तब हो गई जब ‘राम प्रसाद’ नाम के एक व्यक्ति ने ‘दीपक’ बनकर नौकरी हासिल कर ली।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) शैलेश कुमार पटेल ने बताया कि बर्खास्त किए गए शिक्षकों में से 10 ऐसे हैं जो अब तक लाखों रुपये वेतन ले चुके हैं। इनसे सरकारी धन की वसूली (Recovery) के लिए नोटिस जारी कर दिया गया है। बाकी 8 को अभी वेतन भुगतान शुरू नहीं हुआ था।
‘50 हजार से 2.5 लाख में बिक रही थी कामयाबी’
कानपुर पुलिस ने किदवईनगर इलाके से एक ऐसे गिरोह को पकड़ा है, जिसका नेटवर्क देश के 9 राज्यों में फैला हुआ था। गिरोह का सरगना एमएससी पास शैलेंद्र कुमार ओझा अपने तीन साथियों के साथ जेल भेज दिया गया है। इनके पास से 14 यूनिवर्सिटी की 900 से ज्यादा फर्जी डिग्रियां, सीएसजेएमयू की माइग्रेशन बुकलेट और डिप्टी रजिस्ट्रार की नकली मुहर बरामद हुई है। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इस गिरोह से फर्जी एलएलबी (LLB) की डिग्री लेकर कम से कम 10 लोग कचहरी में वकालत भी कर रहे हैं।
कैसे चलता था गिरोह?
यह गिरोह बिना परीक्षा दिए हाईस्कूल से लेकर बीटेक, डी-फार्मा और बी-फार्मा जैसी प्रोफेशनल डिग्रियां महज कुछ रुपयों के बदले मुहैया कराता था। इनका जाल दिल्ली, राजस्थान, एमपी और सिक्किम जैसे राज्यों तक फैला हुआ था।
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