यूपी में पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद के नेटवर्क पर ATS की ताबड़तोड़ छापेमारी, 100 से ज्यादा लोगों से पूछताछ
UP News: पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़े होने के संदेह में उत्तर प्रदेश एटीएस (ATS) और खुफिया एजेंसियों ने कार्रवाई तेज कर दी है। शुक्रवार रात से शनिवार तक प्रदेश के करीब एक दर्जन जिलों में छापेमारी की गई। अलग-अलग जगहों से 100 से ज्यादा लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। इनमें अकेले पश्चिमी उत्तर प्रदेश के करीब 40 लोग शामिल हैं।
जांच एजेंसियां इन लोगों के मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट की पड़ताल कर रही हैं। कंप्यूटर, लैपटॉप और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से भी सबूत जुटाए जा रहे हैं। फिलहाल पूछताछ और जांच जारी है।
सोशल मीडिया पोस्ट पर कमेंट करने वालों की भी जांच
जांच एजेंसियों ने शहजाद भट्टी, उसके साथी आबिद जट और कुछ अन्य पाकिस्तानी गैंगस्टरों के संपर्क में रहने के संदेह वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी थी। बताया गया है कि कुछ लोगों ने शहजाद भट्टी की सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो रील पर लाइक और कमेंट किए थे। कुछ अन्य लोगों की गतिविधियां भी संदिग्ध पाई गई थीं।
इन्हीं जानकारियों के आधार पर प्रदेशभर में अभियान चलाया गया। शुक्रवार रात से शनिवार तक यूपी एटीएस और स्थानीय पुलिस की टीमों ने अलग-अलग जिलों में संदिग्धों के ठिकानों पर छापेमारी की।
टारगेट किलिंग और सैन्य ठिकानों की रेकी कराने का आरोप
जांच एजेंसियों के अनुसार, शहजाद भट्टी पर आरोप है कि वह युवाओं को अपने प्रभाव में लेकर टारगेट किलिंग, सैन्य इलाकों की रेकी और आतंकी गतिविधियों में शामिल कराने की कोशिश करता है। बताया गया है कि वह आईएसआई के साथ मिलकर काम कर रहा है। उसके पाक अधिकृत कश्मीर में भी नेटवर्क होने और हथियारों व ड्रग्स की तस्करी से जुड़े होने के आरोप हैं।
उसके नेटवर्क को तोड़ने के लिए कई खुफिया एजेंसियां और यूपी एटीएस लगातार काम कर रही हैं। कुछ महीने पहले गाजियाबाद में इस नेटवर्क से जुड़े होने के संदेह में कई युवकों को गिरफ्तार किया गया था। दिल्ली, चंडीगढ़, मेरठ, हापुड़, सहारनपुर और मुरादाबाद में भी कार्रवाई हुई थी। शहजाद भट्टी के कई सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक कराए जाने की बात भी सामने आई थी।
मोबाइल, बैंक खातों और आवाजाही की पड़ताल
एटीएस की टीमें हिरासत में लिए गए लोगों के मोबाइल फोन, कंप्यूटर और लैपटॉप की जांच कर रही हैं। इन उपकरणों की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पिछले कुछ महीनों में संदिग्ध कहां-कहां गए और किन लोगों से संपर्क में रहे।
इसके साथ ही उनके बैंक खातों के लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता कर रही हैं कि हिरासत में लिए गए लोगों के बीच आपसी संपर्क या कोई साझा नेटवर्क तो नहीं है।
इससे पहले भी कुछ महीने पहले देश के 15 से अधिक राज्यों में खुफिया एजेंसियों और अलग-अलग राज्यों की एटीएस टीमों ने इसी तरह एक साथ कार्रवाई की थी। फिलहाल उत्तर प्रदेश में चल रही छापेमारी और पूछताछ के संबंध में जांच एजेंसियों की पड़ताल जारी है।

