यूपी बजट 2026-27: बेटियों को मिलेगी स्कूटी और कामकाजी महिलाओं के लिए बनेंगे हॉस्टल
Lucknow News: उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बुधवार को विधानसभा में राज्य का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया। इस बजट में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन पर विशेष ज़ोर दिया गया है। चुनावी साल को देखते हुए सरकार ने छात्राओं को लुभाने के लिए स्कूटी योजना के बजट में भारी बढ़ोतरी की है।
मेधावी छात्राओं को मिलेगी रफ़्तार
बजट की सबसे चर्चा वाली घोषणा मेधावी छात्राओं को स्कूटी देने की है।
500 करोड़ का फंड: पिछले बजट के 100 करोड़ रुपये (जो खर्च नहीं हो पाए थे) और इस बार के 400 करोड़ रुपये मिलाकर अब कुल 500 करोड़ रुपये से मेधावी छात्राओं को स्कूटी बांटी जाएगी।
चुनावी तोहफा: माना जा रहा है कि चुनाव से पहले छात्राओं को स्कूटी की चाबी सौंपकर सरकार युवाओं और महिलाओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है। बड़े शहरों में नौकरी करने वाली महिलाओं की सुरक्षा और रहने की समस्या को देखते हुए सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
नगर निगमों में निर्माण: प्रदेश के प्रमुख नगर निगमों में अब ‘वर्किंग वूमेन हॉस्टल’ बनाए जाएंगे।
सेफ सिटी प्रोजेक्ट: सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा के लिए व्यापक CCTV नेटवर्क और ‘एंटी रोमियो स्क्वाड’ को और भी मुस्तैद किया जाएगा।

महिला सशक्तिकरण और खेती-किसानी
योगी सरकार ने ग्रामीण और कामकाजी महिलाओं के लिए भी कई बड़े ऐलान किए हैं।
महिला गन्ना किसान: प्रदेश की लगभग 60,000 महिला गन्ना किसानों को पर्ची जारी करने में प्राथमिकता दी जाएगी।
बीसी सखी (BC Sakhi): ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग सेवाएं दे रही बीसी सखियों ने 39,000 करोड़ का लेनदेन कर मिसाल पेश की है, सरकार इन्हें और बढ़ावा देगी।
मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियां: महिला सामर्थ्य योजना के तहत गोरखपुर, बरेली और रायबरेली के बाद अब प्रयागराज और लखनऊ में भी महिला मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियां बनाई जाएंगी।
कन्या सुमंगला योजना: इस योजना से अब तक लगभग 26.81 लाख बेटियां लाभान्वित हो चुकी हैं, जिसे आगे भी जारी रखा जाएगा। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि यह बजट पिछले साल के मुकाबले 12.2% अधिक है।
राजकोषीय घाटा: सरकार ने वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए राजकोषीय घाटे को 3% की सीमा के भीतर रखा है।
पूंजीगत व्यय: कुल बजट का 19.5% हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास कार्यों पर खर्च होगा, जिससे राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

