UP में LPG कालाबाजारी पर एक्शन, 12,732 ठिकानों पर छापेमारी, 25 गैस एजेंसियों पर FIR और 16 गिरफ्तार
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में घरेलू गैस सिलेंडरों की किल्लत और अवैध रिफिलिंग को जड़ से मिटाने के लिए अब तक का सबसे बड़ा अभियान छेड़ दिया है। 12 मार्च से शुरू हुए इस प्रदेशव्यापी अभियान के तहत शासन ने हजारों ठिकानों पर छापेमारी कर कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है।
कार्रवाई के मुख्य आंकड़े
प्रदेश भर में अब तक 12,732 स्थानों पर औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान अवैध गतिविधियों में संलिप्त 16 लोगों को जेल भेजा गया है। नियमों के उल्लंघन और गड़बड़ी पाए जाने पर 25 गैस एजेंसियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। जांच के दौरान 152 लोग सीधे तौर पर कालाबाजारी में शामिल पाए गए, जबकि कुल 185 लोगों पर विभागीय व कानूनी कार्रवाई की गई है।
सप्लाई चेन सुधारने के बड़े कदम
मुख्य सचिव के निर्देशों के बाद खाद्य एवं रसद विभाग ने आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए रणनीति बदली है। 23 मार्च से व्यावसायिक (Commercial) गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में 20% का इजाफा किया गया है। इसका उद्देश्य होटलों और ढाबों द्वारा घरेलू सिलेंडरों के अवैध उपयोग को रोकना है।
लखनऊ में एक राज्य स्तरीय मास्टर कंट्रोल रूम बनाया गया है, जो प्रदेश की 4,108 एजेंसियों के स्टॉक और डिलीवरी की रियल-टाइम मॉनिटरिंग कर रहा है। सभी जिलों में भी स्थानीय कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिए गए हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में एलपीजी का पर्याप्त भंडार मौजूद है, इसलिए उपभोक्ताओं को पैनिक बुकिंग करने की आवश्यकता नहीं है।
कालाबाजारी पर ‘जीरो टॉलरेंस’
सरकार का यह अभियान केवल छापेमारी तक सीमित नहीं है। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। जो भी वितरक या बिचौलिया कृत्रिम किल्लत पैदा करने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
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