Lucknow News: संपत्ति छिपाने वाले 443 IAS अफसरों को इंटरनल अलर्ट जारी, 31 जनवरी तक हिसाब न दिया तो होगी कार्रवाई
Lucknow News: उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक गलियारों में उस वक्त हलचल मच गई जब यह बात सामने आई कि राज्य के आधे से ज्यादा आईएएस अफसरों ने अब तक अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा सरकारी पोर्टल पर अपलोड नहीं किया है। नियुक्ति विभाग ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए एक गोपनीय आंतरिक अलर्ट जारी किया है।
पोर्टल पर आंकड़ों का खेल
यूपी कैडर में कुल 683 आईएएस अफसर हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि केवल 240 अफसरों ने अब तक अपनी संपत्तियों का पूरा ब्योरा दिया है। 443 आईएएस अफसर ऐसे हैं जिन्होंने अब तक स्पैरो (SPARROW) पोर्टल पर अपनी जानकारी साझा नहीं की है। इनमें से 12 अधिकारी ऐसे भी हैं जिन्होंने जानकारी ड्राफ्ट में तो सेव कर ली है, लेकिन उसे सबमिट करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
31 जनवरी है आखिरी तारीख
नियम के मुताबिक, हर साल अधिकारियों को अपनी अर्जित संपत्ति का विवरण ऑनलाइन दर्ज करना होता है। साल 2025 का हिसाब देने के लिए 31 जनवरी आखिरी तारीख तय की गई है। सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर इस समय सीमा तक पोर्टल खाली रहा, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
पंचायत चुनाव की तैयारियां, 2 PCS अफसरों को नई जिम्मेदारी
प्रशासनिक फेरबदल की एक और बड़ी खबर में, राज्य सरकार ने पंचायत चुनावों की आहट को देखते हुए राज्य निर्वाचन आयोग में दो अनुभवी पीसीएस (PCS) अधिकारियों की तैनाती की है।
अविनाश गौतम: (एसडीएम, कन्नौज से अब राज्य निर्वाचन आयोग)
अभिषेक वर्मा: (एसडीएम, रायबरेली से अब राज्य निर्वाचन आयोग) इन अधिकारियों को पंचायत चुनाव की रणनीतियों और तैयारियों को जमीन पर उतारने की जिम्मेदारी दी गई है।
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