यूपी में ‘AI मिशन’ का शंखनाद: 65 डेटा लैब और 2000 करोड़ का बजट; CM योगी का बड़ा डिजिटल ऐलान

Sandesh Wahak Digital Desk: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को तकनीक और सुशासन का हब बनाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। लखनऊ में आयोजित ‘एआई एंड हेल्थ इनोवेशन कॉन्फ्रेंस’ के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘यूपी एआई मिशन’ को लागू करने की आधिकारिक घोषणा की। इस मिशन के तहत अगले तीन वर्षों में ₹2000 करोड़ की लागत से विभिन्न परियोजनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा।

स्वास्थ्य और तकनीक: 65 डेटा लैब का जाल

मुख्यमंत्री ने बताया कि एआई (Artificial Intelligence) न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक बनाएगा, बल्कि नीति निर्धारण में भी गेम-चेंजर साबित होगा। प्रदेश के छोटे शहरों में कुल 65 एआई डेटा लैब स्थापित की जाएंगी, जो स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य डेटा का विश्लेषण करेंगी।

लखनऊ को ‘एआई सिटी’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। साथ ही कानपुर आईआईटी में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और गौतम बुद्ध नगर में एआई इनोवेशन सेंटर पर काम जारी है। एआई तकनीक का उपयोग महामारी और वेक्टर जनित रोगों (जैसे इंसेफेलाइटिस) की सटीक भविष्यवाणी और बेहतर सर्विलांस के लिए किया जाएगा।

भ्रष्टाचार पर ‘डिजिटल’ प्रहार: 30 लाख फर्जी कार्ड रद्द

सीएम योगी ने तकनीक के माध्यम से सुशासन के पिछले आठ वर्षों के सफल मॉडल को भी साझा किया। तकनीक और ई-पॉश (e-PoS) मशीनों की मदद से 30 लाख फर्जी राशन कार्ड पकड़े गए, जिससे सालाना करोड़ों रुपये की चोरी रुकी। पहले पेंशन योजनाओं में बिचौलिए ‘कट’ लेते थे, लेकिन अब डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के जरिए 1.06 करोड़ महिलाओं को सीधे उनके खातों में बिना किसी कटौती के लाभ मिल रहा है।

भविष्य का रोडमैप: समावेशी विकास

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि तकनीक जब संवेदना से जुड़ती है, तभी विकास समावेशी बनता है। हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज का लक्ष्य और हर अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट व क्रिटिकल केयर की सुविधा तकनीक की निगरानी में बेहतर हुई है। यूपी ने इन दरकों को राष्ट्रीय औसत से नीचे लाने में सफलता पाई है, जिसे एआई के माध्यम से और भी कम करने का लक्ष्य है।

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