UP: लखनऊ-कानपुर कॉरिडोर बनेगा हाई प्रोफाइल नौकरियों का हब, दो लाख युवाओं को मिलेगा बड़ा अवसर
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश में रोजगार को लेकर एक बड़ी पहल शुरू की गई है। लखनऊ-कानपुर कॉरिडोर को अब हाई प्रोफाइल और उच्च वेतन वाली नौकरियों का नया केंद्र बनाने की तैयारी हो रही है। सरकार का लक्ष्य है कि इस बेल्ट में कम से कम दो लाख ऐसे रोजगार सृजित किए जाएं, जिनमें न्यूनतम वेतन 50 हजार रुपये प्रति माह हो। फिलहाल यूपी में नोएडा-एनसीआर ही ऐसी नौकरियों का हब माना जाता है, लेकिन अब टियर-2 शहरों में भी यह संभावना तेजी से विकसित की जा रही है।
20 लाख से ज्यादा हाई स्किल युवाओं को राज्य में ही बेहतर अवसर
ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर (GCC) मॉडल के तहत इस कॉरिडोर को वैश्विक कंपनियों के लिए आकर्षक बनाया जा रहा है। इसका मकसद यह है कि यूपी के बाहर काम कर रहे 20 लाख से ज्यादा हाई स्किल युवाओं को राज्य में ही बेहतर अवसर मिल सकें। इस बेल्ट में लखनऊ और कानपुर के अलावा उन्नाव, प्रयागराज, आगरा, बरेली, गोरखपुर और वाराणसी जैसे शहर भी शामिल हैं।
25 स्पेशल इकोनॉमिक जोन बनेगा
इस कॉरिडोर में डिफेंस कॉरिडोर, एआई यूनिवर्सिटी, लाजिस्टिक पार्क, बियर निर्माता प्लांट समेत कई बड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां पहले ही निवेश कर चुकी हैं। इसके अलावा बैंकिंग, बीमा, फाइनेंस और आईटी सेक्टर की भी कई मल्टीनेशनल कंपनियां यहां आने को तैयार हैं। इसके तहत 40 आईटी पार्क और 25 स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) भी बनाए जाएंगे, जिससे डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, होटल और मॉल्स का स्वतः विकास होगा।
क्षेत्र में चार स्तरीय रणनीति पर काम कर रही सरकार
राज्य सरकार रोजगार के क्षेत्र में चार स्तरीय रणनीति पर काम कर रही है—कम शिक्षित युवाओं को हुनरमंद बनाकर स्वरोजगार से जोड़ना, स्टार्टअप के लिए ब्याज मुक्त ऋण देना, विदेश में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और प्रतिष्ठित संस्थानों के पासआउट युवाओं को प्रदेश में व्हाइट कॉलर नौकरियां देना।
दो वर्षों में दो लाख से ज्यादा युवाओं को उच्च वेतन
इस पूरी योजना के तहत अगले दो वर्षों में दो लाख से ज्यादा युवाओं को उच्च वेतन वाली नौकरियां देने का लक्ष्य है। यह पहल यूपी की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने के साथ-साथ प्रदेश को देश के टॉप रोजगार हब में शामिल करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है।
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