UP Monsoon Session: ‘सपा और लोकतंत्र नदी के दो छोर हैं’, विधानसभा में बोले CM योगी, विपक्ष ने किया हंगामा
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर जोरदार हमला बोला।
सत्र की कार्यवाही के दौरान उन्होंने कहा कि सपा और लोकतंत्र एक-दूसरे से बिल्कुल विपरीत हैं और लोकतांत्रिक मूल्यों पर भरोसा करना समाजवादी पार्टी को शोभा नहीं देता।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा-
“सपा और लोकतंत्र एक ही नदी के दो अलग-अलग छोर हैं। इन्हें लोकतंत्र पर भरोसा कब से हो गया? लोकतंत्र की बात करना इन्हें शोभा नहीं देता।”
संभल, बहराइच, गोरखपुर का जिक्र कर सपा पर हमला
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के कार्यकाल को निशाने पर लेते हुए कहा कि
“संभल हो, बहराइच हो या गोरखपुर – सपा की करतूतों से प्रदेश की जनता अच्छी तरह वाकिफ है। इन्होंने अपने शासनकाल में विकास का कोई काम नहीं किया, बल्कि व्यापारी वर्ग को प्रताड़ित किया।”
उन्होंने दावा किया कि सपा शासन में व्यापारियों से ‘गुंडा टैक्स’ वसूला जाता था, जिससे व्यापारी वर्ग सपा से नाराज़ है और चुनावों में इसका खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ रहा है।
योगी सरकार के विकास विजन पर चर्चा
सीएम योगी ने बताया कि सरकार आगामी 13-14 अगस्त को 24 घंटे का विशेष सत्र आयोजित कर रही है, जिसमें विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के विजन पर चर्चा की जाएगी।
उन्होंने कहा,
“नीति आयोग के मार्गदर्शन और विशेषज्ञों की मदद से तैयार विजन डॉक्यूमेंट पर विस्तृत चर्चा होगी। इसके बाद, सरकार अगले 25 वर्षों के लिए कार्ययोजना प्रस्तुत करेगी।”
सत्र में बाढ़, जलभराव, स्वास्थ्य, शिक्षा जैसे विषयों पर सरकार की अब तक की उपलब्धियों की भी समीक्षा की जाएगी।
सत्र शुरू होते ही विपक्ष का हंगामा

सत्र के पहले ही दिन समाजवादी पार्टी के विधायकों ने विधानसभा गेट पर बैनर-पोस्टर लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया और जोरदार नारेबाजी की।
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने मुख्यमंत्री से सवाल किया कि उन्हें गोरखपुर में व्यापारियों से मिलने से क्यों रोका गया, और बहराइच व संभल में भी जाने से मना क्यों किया गया। इस पर सीएम योगी ने पूरी सपा पार्टी को आड़े हाथों लिया और तीखी प्रतिक्रिया दी।
प्रश्नकाल के दौरान जारी हंगामे के चलते विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने सदन की कार्यवाही 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी।
राजनीतिक तापमान चढ़ा, आगे और तीखी बहस की संभावना
सत्र की शुरुआत से ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगे के दिनों में सत्र और भी गरम हो सकता है।
खासकर जब सरकार अपना विकास एजेंडा सदन में पेश करेगी और विपक्ष उस पर सवाल उठाएगा।
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