UP News: करोड़ों की बाइक स्कीम ठगी का भंडाफोड़, पांच साल से फरार आरोपी गिरफ्तार
Sandesh Wahak Digital Desk: नोएडा पुलिस को शनिवार देर रात को एक बड़ी सफलता हाथ लगी जब सेक्टर-58 थाना पुलिस और अपराध शाखा की संयुक्त टीम ने पांच साल से फरार चल रहे धोखाधड़ी के आरोपी राजेंद्र सिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे सेक्टर-59 मेट्रो स्टेशन के पास से दबोचा। राजेंद्र पर ₹25,000 का इनाम घोषित था।
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि राजेंद्र सिंह मैपल इनोवेटिव प्रमोटिव (MIP) नाम की एक कंपनी का प्रमोटर था। इस कंपनी ने एक फर्जी बाइक स्कीम शुरू की थी, जिसके जरिए देशभर के हजारों लोगों को चकमा दिया गया।
स्कीम का जाल:
- राजेंद्र और उसके साथियों ने लोगों को लुभाने के लिए यह योजना तैयार की थी।
- स्कीम में शामिल होने के लिए लोगों से ₹62,100 जमा करवाए जाते थे।
- वादा किया जाता था कि इसके बदले एक साल तक हर महीने ₹10,100 लौटाए जाएंगे।
- साथ ही पहले ही दिन ₹5,000 का नकद कमीशन भी दिया जाता था, ताकि लोगों को भरोसा हो जाए।
इस लालच भरे मॉडल के जरिए हजारों लोग इस योजना में निवेश करने लगे। पुलिस के मुताबिक, इस स्कीम के ज़रिए करोड़ों रुपये जमा किए गए, जिनमें से राजेंद्र सिंह के बैंक खातों में लाखों रुपये की लेन-देन भी दर्ज हुई है। लेकिन कुछ समय बाद जब लोगों को पैसा मिलना बंद हो गया और शिकायतें बढ़ने लगीं, तो आरोपी और उसके साथी अचानक गायब हो गए। कई निवेशकों ने शिकायत दर्ज करवाई, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
कैसे हुई गिरफ्तारी?
पुलिस ने लोकल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से राजेंद्र की लोकेशन ट्रैक की। 6 जुलाई को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस कार्रवाई में पुलिस की पांच साल की मेहनत रंग लाई। नोएडा के एडीसीपी सुमित शुक्ला ने बताया कि अब इस घोटाले से जुड़े बाकी फरार आरोपियों की तलाश जारी है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी आकर्षक निवेश या स्कीम में शामिल होने से पहले उसकी कानूनी मान्यता और वैधता की पूरी जांच करें।
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