UP News: सीबीआई का शिकंजा, करोड़ों की अवैध वसूली का अड्डा था सीबीएन का दफ्तर

तीन नारकोटिक्स इंस्पेक्टर समेत अभी तक 6 आरोपी गिरफ्तार, रातभर पूछताछ-छापेमारियों का दौर, संपत्तियों के दस्तावेज बरामद

Sandesh Wahak Digital Desk: सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (सीबीएन) के दफ्तर में रिश्वतखोरी का खेल लम्बे समय से जारी था। मंगलवार को रात भर चली सीबीआई की पूछताछ और छापेमारी के दौरान कई अन्य मामलों में एजेंसी को अहम सुराग हाथ लगे हैं।

हालांकि देवा नर्सिंग होम के मालिक गयासुद्दीन से रिश्वत लेने के मामले में सीबीआई ने बुधवार को नारकोटिक्स के एक और इंस्पेक्टर आदर्श योगी को जहां आधिकारिक रूप से गिरफ्तार किया। वहीं दो बिचौलियों सुनील जायसवाल व संतोष जायसवाल को भी धर दबोचा है। आरोपियों से पैसा वसूलने के खेल में नारकोटिक्स के कई और कर्मी भी शामिल हैं।

CBI Raid
CBI Raid

 

इंस्पेक्टरों के घरों की सीबीआई ने ली तलाशी

सीबीआई ने देर रात गिरफ्तार इंस्पेक्टरों के घरों की भी तलाशी ली है। इस दौरान जहां करोड़ों की तमाम सम्पत्तियों के दस्तावेज मिले। वहीं भारी संख्या में जेवर भी बरामद हुए हैं। जिसके बारे में सीबीआई अफसरों द्वारा पूछते ही गिरफ्तार इंस्पेक्टर कन्नी काटने लगे। घूसखोरी मामले में कई और लोगों की भूमिका की तलाश हो रही है। गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढक़र अब छह हो गयी है। मंगलवार को महानगर स्थित सीबीएन के दफ्तर में देवा नर्सिंग होम के संचालक गयासुद्दीन से रिश्वत लेने के खेल पर सीबीआई ने छापा मारकर शिकंजा कसा था। इस दौरान ही नारकोटिक्स इंस्पेक्टर रवि रंजन और महिपाल के साथ ही गयासुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया गया था।

नारकोटिक्स कार्यालय में हुआ पैसों का लेन-देन

बयान लेने के दौरान दलाल की भूमिका के तौर पर सुनील जायसवाल व संतोष जायसवाल का नाम भी सामने आया। इनकी मिलीभगत इंस्पेक्टर आदर्श योगी से बड़ी तगड़ी थी। माना जा रहा है कि आदर्श के जरिये ऐसे कई मामलों में तगड़ी घूसखोरी की कलंक कथा लिखी गयी है। बुधवार सुबह पुन: पूछताछ का सिलसिला शुरू किया गया। गिरफ्तार तस्कर रोशन लाल के बयान में गयासुद्दीन का नाम सामने आते ही धमकाना शुरू कर दिया था। तीनों इंस्पेक्टरों ने डरा दिया था कि रुपये नहीं दिए तो गयासुद्दीन को जेल जाना पड़ेगा। इस पर ही गयासुद्दीन और उसका बेटा ककूब डर गया था। गयासुद्दीन से बात 10 लाख में तय हुई। रुपये देने के लिए इंस्पेक्टरों ने नारकोटिक्स कार्यालय में बुलाया था। सीबीआई ककूब की भूमिका तलाश रही है।

Corruption

आठ लाख वसूलने के दौरान गिरफ्तारी, अन्य कर्मियों की तलाश रहे भूमिका

इंस्पेक्टर महिपाल ने 22 अगस्त को नोटिस जारी कर गयासुद्दीन को तलब किया था। तब गयासुद्दीन की ओर से एक महिला वकील ने इंस्पेक्टर महिपाल सिंह से बात की थी। बाद में गयासुद्दीन के दलाल सुनील जायसवाल ने इंस्पेक्टर रवि रंजन से संपर्क साधा था। सुनील ने गयासुद्दीन को बताया था कि उन्हें 26 से पहले सीबीएन के निरीक्षक के सामने प्रस्तुत होना होगा। 26 अगस्त को गयासुद्दीन व सुनीन जायसवाल सीबीएन के कार्यालय गए थे, जहां पहले दो लाख रुपये दिए गए। इसके बाद गयासुद्दीन ने बेटे काकूब को फोन का आठ लाख रुपये और मंगाए थे। घूस दिए जाने के दौरान ही आरोपी गिरफ्तार हुए। अन्य लोगों की भूमिका जांची जा रही है।

बड़े अफसर व कई अन्य मामले रडार पर

सीबीआई अफसरों के मुताबिक सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (सीबीएन)  के दफ्तर में कई और मामलों में बड़ी घूसखोरी के संकेत मिले हैं। घूसखोरी के तार सिर्फ निचले स्तर तक नहीं जुड़े थे। माना जा रहा है कि प्रतिबंधित दवाओं के तस्करों को इसी तरह पहले भी लाभ देकर करोड़ों की काली कमाई नारकोटिक्स अफसरों ने की है। ऐसे में कई और मामले भी रडार पर आ सकते हैं।

एक इंस्पेक्टर बर्खास्त और दो सस्पेंड

गिरफ्तार आरोपितों में बाराबंकी ड्रग असोसिएशन के जिलाध्यक्ष संतोष जायसवाल और दवा दुकान संचालक सुनील जायसवाल शामिल है। CBI ने मंगलवार को इंस्पेक्टर महिपाल सिंह, रवि रंजन, आदर्श नेगी और देवा नर्सिंग होम संचालक गयासुद्दीन अहमद को गिरफ्तार किया था। जिसके बाद सीएनबी ने इंस्पेक्टर महिपाल को सेवा से बर्खास्त कर दिया। जबकि रवि रंजन और आदर्श नेगी को निलंबित कर दिया है।

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