UP News: लखनऊ पुलिस ने चोरी के गैंग का किया पर्दाफाश, सरगना मुठभेड़ में गिरफ्तार

Sandesh Wahah Digital Desk: लखनऊ पुलिस ने एक बार फिर अपराध के खिलाफ अपनी सख्ती दिखाते हुए दक्षिणी जोन में सक्रिय चोरी के एक बड़े गैंग का पर्दाफाश किया है।

इस गैंग के सरगना सूरज सोनी उर्फ अभिषेक को पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया, जबकि तीन अन्य शातिर अभियुक्तों को पहले ही जेल भेजा जा चुका है।

पुलिस ने इनके पास से चोरी की ज्वैलरी, नकदी, एक तमंचा, कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। यह कार्रवाई थाना कृष्णानगर और सर्विलांस सेल, पुलिस उपायुक्त दक्षिणी की संयुक्त टीम ने की।

Lucknow Police

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार, यह गैंग लखनऊ में बंद घरों की रेकी कर ताला तोड़कर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। गैंग के सदस्य देर रात चिन्हित घरों में सेंध लगाकर नकदी और ज्वैलरी चुराते थे, जिसे बाद में आपस में बांट लेते थे।

इस गैंग के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, और सरगना सूरज सोनी के खिलाफ तो गैंगस्टर एक्ट के तहत भी केस दर्ज है।

पुलिस ने इस साल अप्रैल, मई और जुलाई में थाना कृष्णानगर और सरोजनीनगर में हुई चोरी की चार बड़ी वारदातों को इस गैंग से जोड़ा है। इन मामलों में मुकदमे दर्ज किए गए थे, जिनमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 331(4), 305(A), 317(2), 317(5), और 312 के तहत कार्रवाई की गई।

मुठभेड़ में सरगना गिरफ्तार

20 जुलाई 2025 को पुलिस ने अनौरा मोड़ के पास वाहन चेकिंग अभियान चलाया था। इसी दौरान सूरज सोनी मोटरसाइकिल पर आता दिखा। चेकिंग देखकर वह भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन गिर गया।

पुलिस को अपनी ओर आता देख उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली से सूरज घायल हो गया। उसे तुरंत लोकबन्धु अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

पुलिस ने उसके कब्जे से एक तमंचा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस, और एक टीवीएस स्पोर्ट्स मोटरसाइकिल बरामद की।

तीन अन्य अभियुक्त पहले ही पकड़े गए

इससे पहले, पुलिस ने गैंग के तीन अन्य सदस्यों – सचिन उर्फ कल्लू, प्रियांशु उर्फ प्रांशु तिवारी, और सुजीत सोनी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इनके पास से चोरी की ज्वैलरी, नकदी, एक अपाचे मोटरसाइकिल, और ताला तोड़ने के उपकरण बरामद किए गए थे।

पूछताछ में पता चला कि ये सभी सूरज सोनी के नेतृत्व में काम करते थे।

कैसे काम करता था गैंग?

पुलिस के अनुसार, यह गैंग सीतापुर, रायबरेली, और लखनऊ के रहने वाले अपराधियों का समूह था। ये लोग लखनऊ के विभिन्न थाना क्षेत्रों में किराए के मकानों में रहते थे।

दिन में ये बंद घरों की रेकी करते और रात में ताला तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम देते। चोरी का माल आपस में बराबर-बराबर बांट लिया जाता था। सभी अभियुक्तों का आपराधिक इतिहास रहा है, और इनके खिलाफ कई थानों में मामले दर्ज हैं।

बरामद सामान

पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से निम्नलिखित सामान बरामद किया:

-4 सिक्के (सफेद धातु)

-8 बिछिया (सफेद धातु)

-1 जोड़ी पायल (सफेद धातु)

-1 अंगूठी (पीली धातु)

-2 नाक की कील (पीली धातु)

-1 जोड़ी कान की बाली

-1 जोड़ी कान के टॉप्स

-1 तमंचा

-1 जिंदा कारतूस और 1 खोखा कारतूस

-470 रुपये नकद

-1 टीवीएस स्पोर्ट्स मोटरसाइकिल

पुलिस की सतर्कता और जनता की सुरक्षा

लखनऊ पुलिस की इस कार्रवाई से शहर में चोरी की वारदातों पर अंकुश लगने की उम्मीद है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे अपने घरों को सुरक्षित रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।

इस ऑपरेशन में थाना कृष्णानगर और सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम की भूमिका सराहनीय रही।

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