माघ मेला 2026: सुरक्षा का अभेद्य किला बनी यूपी पीएसी, अपनों से बिछड़े बच्चों को मिलाया

Sandesh Wahak Digital Desk: प्रयागराज में चल रहे माघ मेला 2026 में आस्था के सैलाब के बीच उत्तर प्रदेश पीएसी (PAC) के जवान न केवल सुरक्षा की दीवार बने हुए हैं, बल्कि वे मानवता की नई मिसाल भी पेश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘सुरक्षित और सुव्यवस्थित मेला’ के संकल्प को पूरा करने के लिए पीएसी बल के जवान दिन-रात मुस्तैदी से डटे हुए हैं।

माघ मेला 2026: सुरक्षा का अभेद्य किला बनी यूपी पीएसी, अपनों से बिछड़े बच्चों को मिलाया

संगम की रेती पर आयोजित माघ मेले में सुरक्षा और राहत व्यवस्थाओं का जिम्मा उत्तर प्रदेश पीएसी ने बखूबी संभाला हुआ है। अपर पुलिस महानिदेशक रामकृष्ण स्वर्णकार और नोडल अधिकारी सर्वेश कुमार मिश्र के कुशल नेतृत्व में पीएसी की 16 कंपनियां मेले के चप्पे-चप्पे पर तैनात हैं।

सुरक्षा का त्रिस्तरीय चक्र

मेला क्षेत्र में पीएसी ने अपनी ड्यूटी को तीन मुख्य भागों में बांटा है।

कानून-व्यवस्था: 07 कंपनियां भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा के लिए तैनात हैं।

जल सुरक्षा और बाढ़ राहत: 07 कंपनियां घाटों और नदी के गहरे पानी में बचाव कार्य कर रही हैं।

रेलवे सुरक्षा: 02 कंपनियां जीआरपी ड्यूटी के जरिए श्रद्धालुओं के सुरक्षित आवागमन की निगरानी कर रही हैं। मुख्य स्नान पर्वों पर संवेदनशीलता को देखते हुए 05 अतिरिक्त कंपनियां तैनात की गई हैं।

माघ मेला 2026: सुरक्षा का अभेद्य किला बनी यूपी पीएसी, अपनों से बिछड़े बच्चों को मिलाया

कर्तव्य के साथ मानवीय संवेदना: जब देवदूत बने जवान

मेले के दौरान पीएसी के जवानों ने केवल अनुशासन ही नहीं, बल्कि अद्भुत मानवीय संवेदना का भी परिचय दिया है। पीएसी द्वारा किए गए कुछ सराहनीय कार्यों की बानगी देखिए।

खोए हुए बच्चों का सहारा: मेरठ की 44वीं वाहिनी और आगरा की 15वीं वाहिनी के जवानों ने भीड़ में बिछड़ी 3 साल की अनन्या और 5 साल की वैष्णवी जैसी कई छोटी बच्चियों को उनके रोते-बिलखते परिजनों से मिलाया। जवानों ने लाउडहेलर से घंटों अनाउंसमेंट कर बच्चों को उनके माता-पिता तक पहुंचाया।

डूबतों को मिला जीवनदान: 32वीं वाहिनी और 20वीं वाहिनी (आजमगढ़) की रेस्क्यू टीम ने अदम्य साहस का परिचय दिया। सेल्फी लेते समय यमुना में गिरी लड़की हो या शास्त्री ब्रिज से कूदने वाला युवक, जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना गहरे पानी में कूदकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला।

बीमारों की सेवा: सोमेश्वर घाट पर पटना के एक श्रद्धालु सोनू कुमार अचानक बेहोश हो गए। 15वीं वाहिनी के जवानों ने एम्बुलेंस आने तक उनके हाथ-पैर मालिश किए और उन्हें सामान्य करने की कोशिश की, जिससे उनकी जान बच सकी।

मददगार हाथ: चतुर्थ वाहिनी के आरक्षी मोहित सिंह ने गुजरात से आई एक असहाय महिला, जो अपने परिवार से बिछड़ गई थी, उसे न केवल खाना खिलाया बल्कि अपनी जेब से आर्थिक मदद देकर उसे सुरक्षित ट्रेन में बैठाकर घर रवाना किया।

माघ मेला 2026: सुरक्षा का अभेद्य किला बनी यूपी पीएसी, अपनों से बिछड़े बच्चों को मिलाया

ईमानदारी और सतर्कता

सुरक्षा के साथ-साथ जवानों ने ईमानदारी की भी मिसाल पेश की। मेरठ की 44वीं वाहिनी के जवानों ने घाट पर मिले गुमशुदा मोबाइल को उसके मालिक रंजीत राय तक पहुंचाया। वहीं, 45वीं वाहिनी अलीगढ़ के जवानों ने सक्रियता दिखाते हुए मेले के पास खड़ी एक चोरी की बाइक बरामद की, जो काफी समय पहले चोरी हुई थी।

जनहानि मुक्त मेला

पीएसी की सजगता का ही परिणाम है कि अब तक मेला अवधि में कोई भी अप्रिय घटना या जनहानि नहीं हुई है। संगम तट पर स्नान कर रहे श्रद्धालु पीएसी जवानों की इस ‘मित्र पुलिस’ वाली छवि की भूरि-भूरि प्रशंसा कर रहे हैं।

Also Read: केन्द्रीय बजट में पर्यटन पर किये गए फोकस से कुशीनगर पर्यटन स्थल को मिलेगा बढावा: कुंवर आरपीएन सिंह

Get real time updates directly on you device, subscribe now.