UP News: मंत्री AK शर्मा ने वायरल किया ऑडियो, सुबह होते ही अधीक्षण अभियंता सस्पेंड
Recover your password.
A password will be e-mailed to you.
Trending
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग के भ्रष्टाचार की चर्चा एक बार फिर सुर्खियों में है। बेलगाम अफसरों की मनमानी और सत्ता से नजदीकी दिखाने वाले बयानों ने सरकार को कटघरे में ला खड़ा किया है। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा खुद एक अधिकारी की बातचीत से इतने आहत हुए कि उन्होंने उसकी ऑडियो क्लिप सार्वजनिक कर दी और सुबह होते ही उस अधीक्षण अभियंता को सस्पेंड भी कर दिया।
पूरा मामला बस्ती जिले का है। जहां एक रिटायर्ड अधिकारी ने अधीक्षण अभियंता को फोन कर बिजली न आने की शिकायत की। फोन पर शिकायत को गंभीरता से लेने की बजाय अधिकारी ने उल्टा रौब झाड़ना शुरू कर दिया। जब उपभोक्ता ने खुद को रिटायर्ड एडीएम बताया और मथुरा में काम कर चुके होने का हवाला दिया, तब अधिकारी नेताओं के नाम गिनाने लगा। सपा सांसद रामजीलाल सुमन को बहनोई, कांग्रेस नेता राज बब्बर को समधी, भाजपा सांसद एसपी सिंह बघेल को दोस्त और मंत्री बेबीरानी मौर्य को भाभी तक बता डाला।
ऑडियो में उपभोक्ता ने जब कहा कि वह अब ऊर्जा मंत्री अरविंद शर्मा को कॉल कर रहे हैं, तो अधिकारी ने तंज कसते हुए कहा “जहां चाहें शिकायत करिए, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।” यह वही ऑडियो है जिसे किसी वरिष्ठ नेता ने मंत्री एके शर्मा को भेजा था। मंत्री ने उसे एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर विभाग की हालत पर चिंता जताई और लिखा “परिणाम भयंकर होगा” इसके कुछ घंटों बाद ही अधीक्षण अभियंता को सस्पेंड कर दिया गया।
इस घटनाक्रम ने बिजली विभाग में अंदरूनी हालात और अफसरों की जवाबदेही को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर मंत्री की पोस्ट के बाद यूजर्स ने तीखी प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने लिखा – “अगर आप ऊर्जा मंत्री होकर खुद सोशल मीडिया पर शिकायत कर रहे हैं, तो आम जनता का क्या?” वहीं, कई यूजर्स ने इसे “विक्टिम कार्ड” बताते हुए मंत्री के इस्तीफे की मांग कर डाली।
इस मुद्दे पर विपक्ष भी हमलावर हो गया है। सपा और कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि अगर मंत्री जी से उनका विभाग नहीं संभल रहा, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे अफसरों को आखिर किसका संरक्षण मिला हुआ है, जो वे इतनी ढिठाई से सरकारी व्यवस्था की धज्जियां उड़ा रहे हैं?
बिजली मंत्री एके शर्मा पिछले कई महीनों से सार्वजनिक मंचों से अपने विभाग के अफसरों को चेतावनी देते आ रहे हैं। खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कई मौकों पर ऊर्जा विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठा चुके हैं। बावजूद इसके, अफसरों की कार्यशैली में कोई सुधार नहीं दिख रहा है।
सरकार ने सस्पेंशन से यह तो साफ कर दिया कि अनियंत्रित और अभद्र अफसरों को बख्शा नहीं जाएगा, लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या इससे सिस्टम सुधरेगा? क्या अफसरशाही पर सरकार की पकड़ मजबूत हो पाएगी? और सबसे जरूरी, क्या आम जनता को अब बिना सिफारिश और डर के बिजली मिलेगी? इस पूरे घटनाक्रम ने यूपी के ऊर्जा विभाग की हकीकत को उजागर कर दिया है जहां नेता, रिश्तेदारी और रौब का गठजोड़ सिस्टम को खोखला कर रहा है।
Also Read: लखनऊ वालों सावधान: अब डॉगी को घुमाना होगा जिम्मेदारी के साथ, नहीं तो…
Get real time updates directly on you device, subscribe now.