UP News: प्रयागराज सर्किट हाउस में सांसद चंद्रशेखर आजाद को किया गया नजरबंद, जानें क्या है मामला
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में पाल समाज की एक नाबालिग बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म मामले ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। अब इस मुद्दे पर भीम आर्मी के प्रमुख और नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। रविवार को वे पीड़िता के परिजनों से मिलने प्रयागराज पहुंचे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें कौशांबी जाने से रोक दिया।
जानकारी के मुताबिक, चंद्रशेखर आजाद प्रयागराज एयरपोर्ट पर पहुंचे थे और वहां से सीधे कौशांबी रवाना होना चाहते थे, लेकिन प्रशासन ने कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए उन्हें वहीं रोक दिया। इसके बाद उन्हें प्रयागराज स्थित सर्किट हाउस भेज दिया गया।
धरने पर बैठे सांसद
प्रशासन की इस कार्रवाई से नाराज़ होकर चंद्रशेखर आजाद अपने समर्थकों के साथ सर्किट हाउस परिसर में ज़मीन पर बैठ गए और शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने कहा सरकार के इशारे पर मुझे पीड़िता से मिलने से रोका जा रहा है। यह मेरे लोकतांत्रिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है। मैं प्रशासन के सामने दो प्रस्ताव रखता हूं या तो मुझे सीमित संख्या में पीड़िता के घर जाने दिया जाए, या फिर पीड़िता के परिवार को सर्किट हाउस लाया जाए।
सर्किट हाउस के बाहर भारी पुलिस बल तैनात
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सर्किट हाउस के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। अधिकारियों द्वारा प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश जारी है, लेकिन चंद्रशेखर आजाद अपनी मांगों पर अडिग हैं।
चंद्रशेखर आजाद की पार्टी ‘आजाद समाज पार्टी (कांशीराम)’ ने इस मुद्दे पर इंस्टाग्राम पोस्ट के ज़रिए अपना पक्ष रखा। पोस्ट में लिखा गया “हम बिना परिवार से मिले नहीं लौटेंगे। जो बातें साफ़ हैं, वो साफ़ हैं हम परिवार से मिलेंगे, उनका दुख जानेंगे और उनके लिए समाधान की बात करेंगे। इन तीन बातों पर हम कोई समझौता नहीं करेंगे।”
पोस्ट में आगे लिखा गया “क्या यही लोकतंत्र है? क्या यही कानून-व्यवस्था है? यह तानाशाही का दौर है, जहां अन्याय के खिलाफ बोलने वालों को दबाया जा रहा है। लेकिन हम झुकेंगे नहीं। हर गांव, हर शहर में संविधान, भाईचारे और न्याय का संदेश लेकर पहुंचेंगे। हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद की गिरफ्तारी भी हमें रोक नहीं सकती। हम लड़ेंगे, हम जीतेंगे और संविधान को बचाएंगे।”
क्या है पूरा मामला?
आपको बता दें कि कौशांबी जिले में पाल समाज की एक नाबालिग बच्ची के साथ कथित दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद से लगातार राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। विपक्षी दलों के नेताओं के बाद अब सामाजिक न्याय और दलित अधिकारों के लिए सक्रिय नेता चंद्रशेखर आजाद ने भी इस मुद्दे पर सीधे हस्तक्षेप किया है।
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