UP News: 27 लाख की चरस के साथ तस्कर गिरफ्तार, सरगना की तलाश में जुटी एसटीएफ

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने अंतर्राज्यीय स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले गिरोह के एक तस्कर को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। गिरफ्तार अभियुक्त के पास से 5.400 किलोग्राम चरस बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 27 लाख रुपये आंकी गई है।

गिरफ्तार अभियुक्त का नाम रामबाबू बताया जा रहा है। जो वाराणसी के जैतपुर थाने के उस्मानपुरा गांव का रहने वाला है। अभियुक्त के पास से 5.400 किलोग्राम चरस (अनुमानित मूल्य 27 लाख रुपये) और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए है। अभियुक्त को आज दोपहर मोहनसराय अंडरपास, थाना क्षेत्र रोहनिया, वाराणसी से गिरफ्तार किया गया है।

एसटीएफ की सतर्कता से मिली सफलता

पिछले कुछ दिनों से एसटीएफ को अंतर्राज्यीय स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी की सूचनाएं मिल रही थीं। इस पर एसटीएफ उत्तर प्रदेश की विभिन्न टीमों और फील्ड इकाइयों को निगरानी एवं कार्यवाही के निर्देश दिए गए थे।

निरीक्षक अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में वाराणसी एसटीएफ फील्ड इकाई द्वारा अभिसूचना संकलन किया जा रहा था। इस दौरान यह जानकारी मिली कि वाराणसी में ड्रग माफियाओं का संगठित गिरोह सक्रिय है, जो हिमाचल प्रदेश के मनाली, बिहार और नेपाल बॉर्डर से चरस, गांजा, हशीश, स्मैक आदि मादक पदार्थों की तस्करी करता है। ये तस्कर इन मादक पदार्थों को बसों और ट्रेनों के माध्यम से देश के विभिन्न हिस्सों में भी पहुंचाते हैं।

पहले भी हो चुकी है गिरोह के सदस्यों की गिरफ्तारी

एसटीएफ फील्ड इकाई वाराणसी ने 28 जनवरी 2025 को इसी गिरोह के दो तस्करों संतोष कुमार झा (निवासी- सुपौल, बिहार) और शिखा वर्मा (निवासी- कंदवा, वाराणसी) को गिरफ्तार किया था। इनके पास से 5.628 किलोग्राम चरस बरामद की गई थी।

मुख्य सरगना की तलाश जारी

एसटीएफ को सूचना मिली थी कि इस गिरोह का सरगना देवेंद्र कुमार मिश्रा और उसका भाई महेंद्र मिश्रा उर्फ छोटू (निवासी नीलकंठ, काली माता मंदिर के पास, थाना चौक, वाराणसी) अपने साथी रामबाबू के साथ 22 फरवरी 2025 को दिल्ली होते हुए मनाली, हिमाचल प्रदेश गए थे।

सूचना के आधार पर एसटीएफ ने 01 मार्च 2025 को मोहनसराय अंडरपास, रोहनिया, वाराणसी में जाल बिछाकर रामबाबू को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से 5.400 किलोग्राम चरस बरामद हुई। पूछताछ में पता चला कि देवेंद्र मिश्रा और महेंद्र मिश्रा हिमाचल प्रदेश के तनु नामक व्यक्ति से मादक पदार्थ खरीदते हैं और वाराणसी में मुकेश मिश्रा उर्फ श्याम व मिट्ठू नामक डिलीवरी बॉय के माध्यम से नशीले पदार्थों की आपूर्ति करते हैं।

रामबाबू ने स्वीकार किया कि उसे 20 हजार रुपये का लालच देकर इस तस्करी में शामिल किया गया था। उसे 22 फरवरी को बनारस स्टेशन से ट्रेन द्वारा दिल्ली ले जाया गया, फिर वहां से मनाली पहुंचाया गया। देवेंद्र मिश्रा ने पहले ही तनु को ऑनलाइन और नकद भुगतान कर दिया था, जिसके बाद 27 फरवरी को रामबाबू को मादक पदार्थ के साथ बस में बिठाकर वाराणसी भेज दिया गया।

गिरफ्तार अभियुक्त रामबाबू के खिलाफ थाना रोहनिया, वाराणसी में मु0अ0सं0 63/25, धारा 111 बीएनएस व 8/22 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। स्थानीय पुलिस आगे की आवश्यक विधिक कार्रवाई कर रही है। वहीं, एसटीएफ अब गिरोह के मुख्य सरगनाओं देवेंद्र मिश्रा, महेंद्र मिश्रा उर्फ छोटू, तनु, मुकेश मिश्रा उर्फ श्याम और मिट्ठू की तलाश में जुटी हुई है।

नशा तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी

उत्तर प्रदेश में एसटीएफ द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में कई बड़े तस्करों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। एसटीएफ के इस अभियान से वाराणसी और आसपास के जिलों में नशे के काले कारोबार पर रोक लगाने में बड़ी मदद मिल रही है।

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