UP News: मेरठ में STF की छापेमारी से फर्जी एजुकेशन रैकेट का भंडाफोड़, सरगना समेत 3 गिरफ्तार
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने मेरठ में एक ऐसे संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है जो छात्रों को अवैध तरीके से ऊँचे अंक दिलाकर उन्हें विभिन्न शिक्षण संस्थानों में प्रवेश दिलवा रहा था।
यह गैंग फर्जी मार्कशीट, अंकों की हेराफेरी, और बैक डेट प्रमाणपत्रों के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहा था। कार्रवाई में गिरोह के सरगना समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार किए गए आरोपी
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जितेंद्र – निवासी पांडव नगर, थाना सिविल लाइन, मेरठ।
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शिवकुमार – निवासी जागृति बिहार, थाना मेडिकल, मेरठ।
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निखिल तोमर – निवासी आशा नगर, थाना मेडिकल, मेरठ।
बरामद सामग्री
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01 कंप्यूटर CPU
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01 एक्सटर्नल हार्ड डिस्क
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10 स्कूलों की नकली मुहरें और 02 स्टांप पैड
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01 प्रिंटर
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25 हाईस्कूल की फर्जी मार्कशीट (UP बोर्ड)
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49 इंटरमीडिएट की फर्जी मार्कशीट (UP बोर्ड)
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02 फर्जी ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC)
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01 फर्जी सनद
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02 मार्कशीट (UP राज्य मुक्त विद्यालय परिषद)
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01 कार (UP-14 FF-8044)
ऐसे हुआ खुलासा
STF मेरठ यूनिट को गुप्त सूचना मिली थी कि गंगानगर क्षेत्र में कुछ लोग छात्रों से मोटी रकम लेकर उनकी मार्कशीट में नंबर बढ़ा रहे हैं और फर्जी सर्टिफिकेट बनवा रहे हैं।
इस पर टीम ने मुखबिर की सूचना के आधार पर छापा मारा और तीनों आरोपियों को मौके से रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।
गिरोह का काम करने का तरीका
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छात्रों की वास्तविक मार्कशीट स्कैन कर उसमें नंबर डिजिटल तरीके से एडिट किए जाते थे।
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प्रति छात्र ₹10,000 तक लिए जाते थे।
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यदि किसी को ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) चाहिए होता, तो ₹3,000 में फर्जी TC तैयार कर दी जाती थी।
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यूपी ओपन स्कूल बोर्ड से बिना परीक्षा दिए बैक डेट की फर्जी मार्कशीट ₹10,000–15,000 में उपलब्ध कराई जाती थी।
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इस गिरोह का एक सदस्य लखनऊ में बैठकर मार्कशीट तैयार करने का तकनीकी काम करता था, जिसे प्रति फाइल ₹5,000 दिए जाते थे।
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गिरोह करीब 10 वर्षों से इस अवैध धंधे में सक्रिय था।
आगे की कार्रवाई
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ थाना गंगानगर में आईपीसी और धोखाधड़ी से संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
STF गिरोह से जुड़े अन्य सहयोगियों और लखनऊ स्थित नेटवर्क की भी तलाश में जुटी हुई है।

