यूपी पीएसी स्थापना दिवस 2025: सीएम योगी ने मेधावियों को किया सम्मानित, ‘वंदे मातरम’ की धुन ने भरा जोश
Sandesh Wahak Digital Desk: लखनऊ के 35वीं वाहिनी पीएसी परिसर में बुधवार को उत्तर प्रदेश पुलिस सशस्त्र बल (UPPAC) का स्थापना दिवस समारोह भव्य रूप से आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समारोह का शुभारंभ करते हुए पीएसी की विभिन्न वाहिनियों, मेधावी छात्रों और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जवानों को पुरस्कृत किया।
मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए प्रमुख पुरस्कार
मुख्यमंत्री ने अनुशासन और सेवा के विभिन्न मानकों पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाली इकाइयों को सम्मानित किया।
- सर्वोत्तम वाहिनी: 47वीं वाहिनी पीएसी, गाजियाबाद (सेनानायक चारू निगम)।
- अतिउत्तम व उत्तम वाहिनी: क्रमश: 39वीं वाहिनी मीरजापुर और 32वीं वाहिनी लखनऊ।
- सर्वोत्तम प्लाटून ड्रिल: 37वीं वाहिनी पीएसी (सेनानायक बजरंग बली)।
मुख्य आरक्षी किशन कुमार मिश्र (25वीं वाहिनी, रायबरेली), जिन्होंने अखिल भारतीय भारोत्तोलन में तीन स्वर्ण पदक जीते। बहराइच (मिडिल सेकेंडरी) और मुरादाबाद (सीनियर सेकेंडरी) को बेस्ट परफॉर्मेंस ट्रॉफी मिली। साक्षी सेमल, शुभ्रा सक्सेना और आदर्श तिवारी को उनकी उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए नकद पुरस्कार दिया गया।
खेल, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का संगम
समारोह के दौरान पीएसी के जवानों और खिलाड़ियों ने हैरतअंगेज प्रदर्शन कर दर्शकों का मन मोह लिया। 44 खिलाड़ियों की टीम ने मलखंभ के जरिए शक्ति और संतुलन का प्रदर्शन किया साथ ही यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया। स्वस्थ भारत’ के संदेश के साथ जवानों ने विभिन्न योगासन और पीटी ड्रिल प्रस्तुत की। पीएसी बैंड ने राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत धुनें बजाईं, जिससे पूरा परिसर देशप्रेम की भावना से भर गया।
मुख्यमंत्री का संबोधन: ‘वंदे मातरम’ की पहल को सराहा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जवानों की हौसलाअफजाई करते हुए कहा कि पीएसी की पहचान उसके अनुशासन और साहस से है। उन्होंने विशेष रूप से पीएसी बैंड द्वारा ‘वंदे मातरम’ की धुन की प्रस्तुति की सराहना की। सीएम ने कहा कि वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सार्वजनिक स्थलों पर राष्ट्रभक्ति की भावना जागृत करने के लिए पीएसी बैंड की अभिनव पहल अत्यंत सराहनीय है।

