UP Police ने लव जिहाद और अवैध धर्म परिवर्तन सिंडिकेट का किया भंडाफोड़, 6 राज्यों से 10 आरोपी गिरफ्तार

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत यूपी पुलिस लगातार संगठित अपराध और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पहुंचाने वाले तत्वों पर शिकंजा कस रही है। इसी सिलसिले में यूपी पुलिस के मिशन ‘अस्मिता’ को एक बड़ी सफलता मिली है, जिसमें लव जिहाद और अवैध धर्म परिवर्तन से जुड़े अंतरराज्यीय सिंडिकेट का खुलासा किया गया है।

इस नेटवर्क के जरिए देशभर में खासतौर पर कम उम्र की लड़कियों को प्रेमजाल में फंसाकर धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा था। पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरे अभियान में अंतरराष्ट्रीय फंडिंग, सोशल मीडिया पर कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचार और ISIS जैसे आतंकी संगठनों के स्टाइल में रैडिकलाइजेशन किया जा रहा था।

आगरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, छह राज्यों से 10 आरोपी दबोचे

आगरा के पुलिस आयुक्त दीपक कुमार के नेतृत्व में यूपी पुलिस, एसटीएफ और एटीएस की संयुक्त टीमों ने पश्चिम बंगाल, गोवा, उत्तराखंड, दिल्ली, राजस्थान और यूपी में छापेमारी कर 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया। ये आरोपी देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय थे और एक संगठित नेटवर्क के ज़रिए धर्मांतरण का षड्यंत्र चला रहे थे।

गिरफ्तार आरोपी इस प्रकार हैं:

  • आयशा उर्फ एस.बी. कृष्णा – गोवा
  • अली हसन उर्फ शेखर रॉय – कोलकाता
  • ओसामा – कोलकाता
  • रहमान कुरैशी – आगरा
  • अब्बू तालिब – मुजफ्फरनगर
  • अबुर रहमान – देहरादून
  • मोहम्मद अली – जयपुर
  • जुनैद कुरैशी – जयपुर
  • मुस्तफा उर्फ मनोज – दिल्ली
  • मोहम्मद अली – जयपुर

पीएफआई और विदेशी कनेक्शन की भी जांच

पुलिस की शुरुआती जांच में इस नेटवर्क का PFI, SDPI और पाकिस्तान से संचालित आतंकी संगठनों से भी लिंक सामने आया है। जानकारी के अनुसार, इन गतिविधियों को कनाडा और अमेरिका से फंडिंग मिल रही थी, जिसका उपयोग धर्म परिवर्तन और कट्टरपंथी विचारधारा फैलाने में किया जा रहा था।

आगरा की दो बहनों के गुमशुदगी से जुड़ा सुराग

मार्च में आगरा से दो सगी बहनों (33 और 18 वर्ष) के लापता होने की शिकायत सामने आई थी। जांच के दौरान पता चला कि यह मामला सिर्फ गुमशुदगी का नहीं, बल्कि धर्मांतरण और कट्टरपंथी नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। इस पर कार्रवाई तेज करते हुए पुलिस ने 11 टीमें गठित कर देशभर में आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस महानिदेशक और अपर पुलिस महानिदेशक को मामले की गंभीरता से अवगत कराते हुए स्वयं वरिष्ठ अधिकारियों ने इसकी निगरानी की।

कैसे काम करता था यह नेटवर्क?

  • प्रेमजाल में फंसाना
  • विदेश से फंडिंग जुटाना और उसे चैनलाइज करना
  • सुरक्षित ठिकाने उपलब्ध कराना
  • लीगल सलाह देना
  • नए सिम और मोबाइल मुहैया कराना
  • धर्मांतरण के दस्तावेज तैयार करना
  • कट्टरपंथी विचारधारा से प्रेरित करना

पुलिस ने बताया कि यह ISIS की रणनीति से मेल खाने वाला एक सिग्नेचर ऑपरेशन था।

 

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