लखनऊ में फिल्मी स्टाइल में सिपाही की गिरफ्तारी, 24 साल पुराने केस में राजस्थान पुलिस ने दबोचा
Lucknow News: उत्तर प्रदेश पुलिस की विशेष सुरक्षा वाहिनी में तैनात सिपाही अखिलेश त्रिपाठी को रविवार सुबह राजस्थान पुलिस ने लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी इतनी अचानक और नाटकीय थी कि सिपाही के परिवार और स्थानीय लोगों को लगा कि उसका अपहरण हो गया है।
गोमती नगर के ग्वारी गांव के रहने वाले अखिलेश त्रिपाठी की ड्यूटी फिलहाल अंबेडकर पार्क में लगी हुई थी। रविवार सुबह करीब 9 बजे वे अपने दो बेटों के साथ घर के पास टहलने निकले थे। तभी अचानक एक काली स्कॉर्पियो उनके पास आकर रुकी। गाड़ी से उतरे सादे कपड़ों में कुछ लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताया और अखिलेश को जबरन गाड़ी में बैठाकर ले गए।
अपहरण की खबर से दौड़ी स्थानीय पुलिस
सिपाही को दिनदहाड़े इस तरह ले जाते देख परिजनों ने शोर मचा दिया और पुलिस को सूचना दी कि अखिलेश का अपहरण हो गया है। लखनऊ पुलिस तुरंत सक्रिय हुई और नाकेबंदी शुरू की गई। हालांकि, कुछ ही देर बाद स्थिति साफ हो गई कि उन्हें किसी अपराधी ने नहीं, बल्कि राजस्थान पुलिस की टीम ने पकड़ा है।
जांच में पता चला कि सिपाही अखिलेश त्रिपाठी राजस्थान के साल 2002 के एक आपराधिक मामले में वांछित (Wanted) चल रहे थे। उन पर राजस्थान पुलिस ने 25,000 रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था। इतने सालों तक वे पुलिस की नजरों से बचकर यूपी पुलिस में अपनी सेवाएं दे रहे थे, लेकिन आखिरकार कानून के हाथ उन तक पहुंच ही गए।
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