Lucknow News: सपा के पीडीए पंचांग पर सियासी घमासान, के कैलेंडर में राम मंदिर का जिक्र न होने पर भड़की बीजेपी
Lucknow News: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा विमोचित समाजवादी पीडीए पंचांग-2026 ने प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। जहां सपा इसे पिछड़ों, दलितों और अल्पसंख्यकों (PDA) के महापुरुषों को समर्पित एक दस्तावेज बता रही है, वहीं भाजपा ने इसमें अयोध्या के राम मंदिर निर्माण की तिथि का उल्लेख न होने पर इसे निशाने पर लिया है।
मनोज तिवारी का तीखा हमला
भाजपा सांसद और मशहूर अभिनेता मनोज तिवारी ने इस पंचांग पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने सपा के इस कैलेंडर की तुलना पाकिस्तानी कैलेंडर से कर डाली। तिवारी ने कहा कि राम मंदिर की ऐतिहासिक तिथि को कैलेंडर से बाहर रखना न केवल भगवान राम का विरोध है, बल्कि भारतीय संस्कृति का भी अपमान है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता राम विरोधियों को कभी स्वीकार नहीं करेगी।
समाजवादी पार्टी का दावा है कि यह पंचांग केवल तिथियों का संग्रह नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय का एक प्रतीक है। इसकी मुख्य विशेषताएं कुछ इस प्रकार हैं।
महापुरुषों को सम्मान: इसमें पीडीए समाज से जुड़े महापुरुषों की जयंती और पुण्यतिथि को प्रमुखता दी गई है।
ऐतिहासिक दिवस: राष्ट्रीय पर्वों के साथ-साथ सामाजिक आंदोलनों से जुड़े महत्वपूर्ण दिनों को शामिल किया गया है।
आम जन के लिए उपयोगी: पंचांग में व्रत, त्योहार और दैनिक आवश्यकता के कालम भी दिए गए हैं ताकि यह हर वर्ग के काम आ सके।
जागरूकता का जरिया: सपा का कहना है कि इसके जरिए नई पीढ़ी अपने नायकों और उनके संघर्षों के बारे में जान सकेगी।
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