‘पुरानी पेंशन लागू करो’ के नारों से गूंजा यूपी, सरकारी कर्मचारियों ने लखनऊ में किया जोरदार प्रदर्शन

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश में मंगलवार को सरकारी कर्मचारी और शिक्षक अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे। अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर पूरे देश के साथ-साथ लखनऊ में भी कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। ‘पुरानी पेंशन लागू करो’ के नारों से पूरा धरना स्थल गूंज उठा।

डीएम के माध्यम से भेजा ज्ञापन

लखनऊ में, कर्मचारी और शिक्षक कर्मचारी मसीहा स्वर्गीय बी.एन. सिंह की मूर्ति के पास इकट्ठा हुए और एक सभा का आयोजन किया। सभा के बाद, उन्होंने अपनी 12 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजने के लिए जिलाधिकारी लखनऊ के प्रतिनिधि को सौंपा। इस दौरान प्रशासन के अधिकारी ने ज्ञापन स्वीकार किया और उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया।

प्रमुख मांगें

प्रदर्शनकारियों ने अपनी 12 सूत्रीय मांगों में प्रमुख रूप से ये मुद्दे उठाए:

पुरानी पेंशन बहाली: पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू किया जाए और PFRDA एक्ट को रद्द किया जाए।

बिजली का निजीकरण रोको: बिजली विभाग के निजीकरण पर तुरंत रोक लगाई जाए।

आउटसोर्स कर्मियों को नियमित करो: सभी आउटसोर्स और संविदा कर्मचारियों के लिए स्थायी सेवा नियम बनाए जाएं और उन्हें नियमित किया जाए।

रिक्त पदों पर भर्ती: सभी सरकारी विभागों में खाली पदों को नियमित भर्ती से भरा जाए।

डी.ए. का भुगतान: कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के अटके हुए 18 महीने के डीए (महंगाई भत्ता) और बकाया किश्तों का तुरंत भुगतान किया जाए।

शिक्षा नीति पर विरोध: नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को रद्द किया जाए और प्राथमिक विद्यालयों के विलय का फैसला वापस लिया जाए।

उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय अध्यक्ष कमल अग्रवाल ने कहा कि सरकार की नीतियों से कर्मचारी और शिक्षक गुस्से में हैं। उन्होंने बताया कि लखनऊ के अलावा बलिया, आजमगढ़, प्रयागराज, झांसी, कानपुर और सहारनपुर जैसे कई जिलों में भी विरोध प्रदर्शन की खबरें आ रही हैं। धरने की अध्यक्षता महासंघ के जिला अध्यक्ष अफीफ सिद्दीकी ने की, और इसका संचालन विनोद चौधरी ने किया।

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