सीएम योगी के नेतृत्व में स्टार्टअप इंडिया की नई धड़कन बना उत्तर प्रदेश
Lucknow News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मजबूत नेतृत्व और उद्योग-अनुकूल नीतियों के कारण उत्तर प्रदेश आज देश में स्टार्टअप क्रांति की एक नई धड़कन बनकर उभरा है। पिछले कुछ वर्षों में, राज्य ने स्टार्टअप इकोसिस्टम में ज़बरदस्त और गुणात्मक वृद्धि दर्ज की है, जिसने इसे देश में एक विशेष स्थान दिला दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट विज़न है, प्रदेश के युवाओं को ‘जॉब सीकर’ से ‘जॉब क्रिएटर’ बनाना।
75 जिलों में उद्यमिता की लहर
वर्तमान में उत्तर प्रदेश में 18,568 स्टार्टअप सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि यूपी अब उद्यमिता का एक मजबूत गढ़ बन चुका है। सबसे खास बात यह है कि इन सक्रिय स्टार्टअप्स में से लगभग आठ हज़ार (8,000) स्टार्टअप का नेतृत्व महिला उद्यमी कर रही हैं। यह सरकार की नीतियों में महिला सशक्तिकरण के दृष्टिकोण को साफ दिखाता है।
प्रदेश के सभी 75 जिलों में स्टार्टअप की मौजूदगी है। ये स्टार्टअप एग्री-टेक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन टेक्नोलॉजी और फिनटेक जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नवाचार कर रहे हैं।
नीतियों से मिली मजबूत नींव
सरकार की प्रभावी स्टार्टअप नीति ने युवाओं को न केवल उद्यम शुरू करने का अवसर दिया है, बल्कि उन्हें आवश्यक मेंटरशिप, वित्तीय सहयोग और तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इनक्यूबेशन सेंटरों की संख्या में तेज़ी से हुई वृद्धि ने नए उद्यमियों को ज़मीन स्तर से लेकर उद्योग स्थापित करने तक का मजबूत आधार दिया है। प्रदेश के कई विश्वविद्यालय और तकनीकी संस्थान अब नवाचार के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं।
आईटी हब बन रहे प्रमुख शहर
योगी सरकार की आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स संबंधी नीतियों ने भी स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई दिशा दी है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, लखनऊ, कानपुर और गोरखपुर जैसे शहर अब आईटी और टेक आधारित स्टार्टअप्स के प्रमुख केंद्र बन चुके हैं।
स्टार्टअप सेक्टर के विशेषज्ञ रजत श्रीवास्तव के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ठोस और प्रभावी स्टार्टअप नीति के कारण यह इकोसिस्टम तेज़ी से सुदृढ़ हो रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप का बहुत बड़ा केंद्र बनेगा।

