UP STF और पुलिस की हापुड़ में बड़ी कार्रवाई, 50 हज़ार का इनामी गैंगस्टर मुठभेड़ में ढेर
Sandesh Wahak Digital Desk: यूपी एसटीएफ की नोएडा यूनिट, बिहार पुलिस और हापुड़ पुलिस ने शनिवार देर रात एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई में कुख्यात गैंगस्टर डब्लू यादव को मुठभेड़ के दौरान मार गिराया। यह मुठभेड़ थाना सिंभावली क्षेत्र, जिला हापुड़ में हुई।
अस्पताल में हुई मौत
मुठभेड़ के दौरान डब्लू यादव को सीने में गोली लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौके से भारी मात्रा में हथियार, कारतूस और अन्य सामान बरामद हुआ है।

बिहार में हत्या और अन्य जघन्य अपराधों में था वांछित
मृतक की पहचान डब्लू यादव पुत्र सूर्य नारायण यादव, निवासी थाना साहेबपुर कमाल, जिला बेगूसराय (बिहार) के रूप में हुई है। उस पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित था और वह बेगूसराय जिले का कुख्यात गैंगस्टर था। बिहार पुलिस के रिकॉर्ड के मुताबिक, वह “गैंग ए-121” नाम से रजिस्टर्ड गैंग चलाता था।

सामाजिक कार्यकर्ता की हत्या में था मुख्य आरोपी
डब्लू यादव पर सबसे बड़ा आरोप 24 मई 2025 को हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम पार्टी) के प्रखंड अध्यक्ष और सामाजिक कार्यकर्ता विकास कुमार उर्फ राकेश कदम की हत्या का है। आरोप है कि उसने अपने गैंग के साथ मिलकर विकास कुमार का अपहरण कर दियारा क्षेत्र ले जाकर हत्या कर दी थी, और शव को बालू में गाड़ दिया था।
इस मामले में साहेबपुर कमाल थाना में एफआईआर नंबर 149/25 दर्ज है। उसमें भारतीय दंड संहिता (BNS) की धारा 104(1), 3(5), 103(1), और 238 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
पहले भी कर चुका था गवाह की हत्या
2017 में भी डब्लू यादव ने एक गवाह महेंद्र यादव की हत्या कर दी थी, जो उसके खिलाफ कोर्ट में गवाही देने वाला था। इस मामले में एफआईआर संख्या 63/17, दिनांक 8 मार्च 2017 को दर्ज की गई थी, जिसमें उस पर धारा 302, 34, 120B IPC और 27 आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज हुआ था।
24 आपराधिक मामलों में था शामिल
डब्लू यादव के खिलाफ कुल 24 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
- हत्या – 2 मामले
- हत्या का प्रयास – 6
- लूट – 2
- डकैती – 1
- रंगदारी – 2
- अन्य गंभीर अपराध – 11
यह मुठभेड़ उत्तर प्रदेश और बिहार पुलिस के लिए एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। लंबे समय से फरार चल रहे डब्लू यादव की गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई थी। मुठभेड़ में उसकी मौत से बेगूसराय और आसपास के इलाकों में दहशत फैलाने वाला एक बड़ा नाम खत्म हो गया है।
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