UP STF ने 50 हजार के इनामी शिहान शेख को किया गिरफ्तार, फर्जी सिम कार्डों के जरिए रचता था स्कैम का जाल

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर सिंडिकेट की कमर तोड़ दी है। एसटीएफ की टीम ने मुंबई के कुलाबा इलाके से शिहान शेख को गिरफ्तार किया है, जो टेलीकॉम कंपनियों के अधिकारियों से सांठगांठ कर हजारों की संख्या में फर्जी सिम कार्ड एक्टिवेट कराता था। इन सिम कार्ड्स का इस्तेमाल ‘डिजिटल अरेस्ट’, ‘स्टॉक मार्केट स्कैम’ और ‘पार्सल स्कैम’ जैसे संगीन साइबर अपराधों में किया जाता था।

कुलाबा की गलियों से एसटीएफ ने दबोचा

शिहान शेख, जो मूल रूप से प्रतापगढ़ (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला है, लंबे समय से मुंबई में अपना ठिकाना बनाए हुए था। वह इतना शातिर था कि पुलिस से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। एसटीएफ मुख्यालय की साइबर टीम ने तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों के जाल के जरिए उसका लोकेशन मुंबई के कुलाबा स्थित ‘पुष्पा भवन’ में ट्रैक किया। 8 जनवरी की शाम 4:30 बजे एसटीएफ ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।

पाव बेचने से ‘टूर एंड ट्रेवेल्स’ के मालिक तक का सफर

पूछताछ में शिहान ने अपनी पूरी कुंडली खोलकर रख दी। उसने बताया कि 2011 में वह मुंबई में पाव बेचने की दुकान चलाता था। इसके बाद 2021-22 के दौरान वह गेटवे ऑफ इंडिया के पास बड़े होटलों (जैसे ताज महल पैलेस, ओबेरॉय, ट्राइडेंट) के बाहर पर्यटकों के लिए होटल और टिकट बुकिंग का काम करने लगा। इसी दौरान उसे पता चला कि विदेशी और देशी पर्यटकों को बिना कागजी कार्रवाई के सिम कार्ड चाहिए होते हैं। उसने प्रयागराज के अपने एक रिश्तेदार ‘मार्शल’ से संपर्क किया, जो मोबाइल की दुकान चलाता था। मार्शल उसे 250-300 रुपये में प्री-एक्टिवेटेड सिम देता था, जिसे शिहान मुंबई में पर्यटकों और साइबर अपराधियों को 800 से 1200 रुपये में बेच देता था। उसने अब तक 800 से ज्यादा फर्जी सिम बेचे हैं।

खेल कैसे होता था?

एसटीएफ की जांच में सामने आया कि यह गिरोह आम जनता को भी शिकार बनाता था। जब कोई असली कस्टमर सिम लेने आता था, तो ये लोग चालाकी से उसका बायोमैट्रिक दो बार करा लेते थे।

एक सिम ग्राहक को दी जाती थी और दूसरी सिम ये खुद रख लेते थे। इसके बाद ग्राहक के नाम पर फर्जी ‘पीओएस एजेंट’ (POS Agent) आईडी बना ली जाती थी। उस आईडी के जरिए फर्जी आधार कार्ड का उपयोग कर थोक में सिम एक्टिवेट किए जाते थे। जब 200-300 सिम जमा हो जाते थे, तो उन्हें ऊंचे दामों पर साइबर ठगों को बेच दिया जाता था।

50 हजार का इनाम और 12 एटीएम कार्ड बरामद

शिहान शेख की तलाश उत्तर प्रदेश पुलिस को पिछले कई महीनों से थी। चित्रकूटधाम परिक्षेत्र के डीआईजी ने उस पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। गिरफ्तारी के वक्त उसके पास से 12 एटीएम कार्ड, 2 मोबाइल फोन, पैन कार्ड, डीएल और चेकबुक बरामद हुई है।

एसटीएफ अब शिहान को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर चित्रकूट के राजापुर थाने में दाखिल करेगी। पुलिस अब उन टेलीकॉम अधिकारियों की पहचान करने में जुटी है जो इस गिरोह को पर्दे के पीछे से मदद पहुंचा रहे थे। इस गिरफ्तारी से ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे अपराधों में कमी आने की उम्मीद है, क्योंकि ठगों को फर्जी सिम कार्ड मुहैया कराने वाला मुख्य चैनल अब पुलिस की गिरफ्त में है।

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