UP STF की बड़ी कार्रवाई: बोगस फर्मों के माध्यम से GST चोरी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के 5 सदस्य गिरफ्तार

Sandesh Wahak Digital Desk: स्पेशल टास्क फोर्स, उत्तर प्रदेश (STF UP) ने बोगस (फर्जी) फर्मों का पंजीकरण कर फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल के माध्यम से करोड़ों रुपये की GST चोरी कर राजस्व को क्षति पहुंचाने वाले एक अंतर्राज्यीय संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। STF ने गौतमबुद्ध नगर (नोएडा) और वैशाली (बिहार) से गिरोह के 05 सदस्यों को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता प्राप्त की है।

गिरफ्तारी और बरामदगी

STF ने यह कार्रवाई 13 दिसंबर 2025 को की। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों की पहचान और विवरण इस प्रकार है:

क्र. सं. नाम (वर्तमान/मूल पता) उम्र
1 बिदेश्वर प्रसाद पाण्डेय (गाजियाबाद) 49 वर्ष
2 बबलू कुमार (गाजियाबाद) 31 वर्ष
3 प्रिंस पाण्डेय (गाजियाबाद) 29 वर्ष
4 दीपांशू शर्मा (गाजियाबाद) 24 वर्ष
5 जयकिशन (वैशाली, बिहार) 28 वर्ष

बरामदगी:

  • 04 अदद लैपटॉप

  • 09 अदद मोबाइल फोन

  • नकद ₹13,500/-

कार्यप्रणाली का खुलासा

गिरफ्तार अभियुक्तों से विस्तृत पूछताछ में इस पूरे रैकेट की कार्यप्रणाली का खुलासा हुआ है।

  1. गिरोह का सरगना: बिंदेश्वर पाण्डेय गाजियाबाद में वर्ष 2021 से ‘हिंदुस्तान कोचिंग सेंटर’ चलाता था, जहां एकाउंटेंसी, टैली और बीजी सॉफ्टवेयर का प्रशिक्षण दिया जाता था। दीपांशू, बबलू और जयकिशन उसी कोचिंग के छात्र थे।

  2. फर्जी फर्मों का निर्माण: बिंदेश्वर पाण्डेय ने अपने पूर्व छात्रों को साथ लेकर फर्जी/कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर बोगस फर्में बनाना शुरू किया।

  3. राजस्व चोरी: यह गिरोह बिना किसी वास्तविक खरीद (Purchase) के बोगस सेल्स इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार करता था और इन्हें वास्तविक फर्मों को इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) बेचने के लिए एजेंटों के माध्यम से इस्तेमाल करता था।

  4. सर्कुलर ट्रेडिंग: वास्तविक फर्म धारक इन बोगस इनवॉइस में अंकित माल/सेवा की फर्जी खरीद को बैंक खातों के माध्यम से लेन-देन दिखाकर वास्तविक रूप देते थे। लेन-देन की धनराशि की पूर्ति बोगस फर्मों से कैश या अन्य बोगस फर्मों से सर्कुलर ट्रेडिंग दिखाकर की जाती थी।

  5. तकनीकी माध्यम: अभियुक्तों के मोबाइल फोन में 50 से अधिक ई-मेल आईडी लॉग-इन मिलीं, जिनका उपयोग बोगस फर्मों के पंजीकरण, इनवॉइस काटने, GST रिटर्न फाइलिंग और बैंक ट्रांजेक्शन हेतु OTP प्राप्त करने के लिए किया जाता था।

एसटीएफ की कार्रवाई

GST विभाग द्वारा पंजीकृत अभियोगों में तकनीकी सहयोग प्रदान करने के लिए STF UP को निर्देशित किया गया था। STF की टीम ने विवेचकों के साथ मिलकर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) दिल्ली में सूचना संकलन किया और गाजियाबाद में सक्रिय इस गिरोह का पता लगाया। अभियुक्त बिदेश्वर प्रसाद पाण्डेय, बबलू कुमार, प्रिंस पाण्डेय, दीपांशू शर्मा को STF फील्ड इकाई नोएडा कार्यालय में पूछताछ के दौरान गिरफ्तार किया गया। जबकि अभियुक्त जयकिशन को STF की गोरखपुर इकाई की टीम ने वैशाली, बिहार से गिरफ्तार किया।

मोबाइल फोन में उपलब्ध बैंक ट्रांजेक्शन के अवलोकन से प्रथम दृष्टया करोड़ों रुपये की राजस्व क्षति होने का अनुमान है। गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायिक अभिरक्षा रिमांड पर भेज दिया गया है।

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