GST घोटाले का बड़ा खुलासा: 45 करोड़ की टैक्स चोरी करने वाले गिरोह का गुर्गा दिल्ली से गिरफ्तार
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश एसटीएफ की मेरठ इकाई ने दिल्ली के वजीराबाद इलाके में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जाहिद नाम के एक युवक को गिरफ्तार किया है। जाहिद उस अंतर्राज्यीय गिरोह का हिस्सा है जो निर्दोष लोगों के दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर फर्जी कंपनियां (Firms) खोलता था और करोड़ों रुपये की जीएसटी (GST) चोरी करता था।
ऐसे हुआ 248 करोड़ के फर्जीवाड़े का खुलासा
इस पूरे खेल का पर्दाफाश तब हुआ जब मुजफ्फरनगर के रहने वाले अश्वनी कुमार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। अश्वनी को नौकरी का झांसा देकर कुछ लोगों ने उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड और बिजली बिल ले लिए थे। बाद में पता चला कि उनके नाम पर ‘ए.के. ट्रेडर्स’ नाम की एक फर्जी कंपनी रजिस्टर्ड कर दी गई, जिससे 248 करोड़ रुपये के फर्जी बिल बनाए गए और करीब 45 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी की गई।
कैसे काम करता था यह गिरोह?
पूछताछ में जाहिद ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि यह गिरोह राजस्थान के बाड़मेर के कुछ शातिर लोगों (सुरेश, हनुमान, रतनाराम आदि) के साथ मिलकर काम करता था। ये लोग गरीब और भोले-भाले लोगों को 10 हजार रुपये का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते और सिम कार्ड लेते थे।
गिरोह इन लोगों से उनके एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक और आधार-पैन की कॉपी ले लेता था और फिर उन्हीं के नाम पर फर्जी कंपनियां खड़ी कर देता था। इन फर्जी फर्मों के जरिए 100 से अधिक नकली ई-वे बिल और इनवॉइस तैयार किए जाते थे ताकि सरकारी टैक्स (GST) से बचा जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि जाहिद पिछले 4 साल से इस गिरोह से जुड़ा था। उसने खुद अपने तीन बैंक खाते (कोटक महिंद्रा, PNB और एयरटेल पेमेंट बैंक) गिरोह को इस्तेमाल के लिए दिए थे, जिसके बदले उसे प्रति खाता 10 हजार रुपये मिले थे। वह गिरोह के लिए दिल्ली और आसपास के इलाकों में काम देखता था।
अब तक की कार्रवाई
इस मामले में एसटीएफ पहले ही राजस्थान के रहने वाले 5 आरोपियों (रतनाराम, ओमप्रकाश, हनुमान राम, बुद्धराम और संतोष) को बेंगलुरु से गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जाहिद लंबे समय से वांछित चल रहा था, जिसे अब जेल भेज दिया गया है। एसटीएफ अब गिरोह के मुख्य सरगना सुरेश उर्फ रमेश की तलाश में जुटी है।

