Lucknow News: एसटीएफ ने बहराइच-नेपाल बॉर्डर से फर्जी आधार कार्ड रैकेट के मास्टरमाइंड को किया गिरफ्तार
Lucknow News: उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने राज्य और नेपाल की सीमा पर सक्रिय एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए उसके मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यह गिरोह सरकारी पोर्टल को हैक कर कूटरचित (मैनिपुलेटेड) जन्म और निवास प्रमाणपत्र बनाता था और उनका इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर फर्जी आधार कार्ड तैयार कर रहा था।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान बहराइच जिले के मुर्तिहा थाना क्षेत्र के प्रमोद कुमार निशाद (28 वर्ष) के रूप में हुई है, जो पेशे से एक कंप्यूटर ऑपरेटर था। उसे गुरुवार की सुबह करीब साढ़े चार बजे रजनवा नेपाल बॉर्डर के पास से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के वक्त वह नेपाल भागने की तैयारी में था।
पुलिस के मुताबिक, प्रमोद ने एक सहयोगी अकील सैफी से ऑनलाइन संपर्क किया था। सैफी ने उसे फर्जी दस्तावेज बनाने वाले सॉफ्टवेयर और आधार पोर्टल तक पहुंच देने के बदले 35,000 रुपये लिए। इसके बाद प्रमोद ने खुद दर्जनों अन्य लोगों को यही तकनीक सिखाई और हर यूजर आईडी के लिए 45,000 रुपये वसूले।
इस गिरोह का तरीका यह था कि वे पहले सरकारी पोर्टल पर गलत जानकारी डालकर डिजिटल जन्म या निवास प्रमाणपत्र का पीडीएफ तैयार कर लेते थे। फिर उसी फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल कर 0 से 18 साल के बच्चों के नए आधार कार्ड बनाते थे या पुराने कार्डों में गलत सुधार करते थे।
बरामद हुआ साजो-सामान
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से 2 मोबाइल फोन, 1 लैपटॉप, बायोमेट्रिक स्कैनर, रेटिना स्कैनर, वेबकैम, 1 एटीएम कार्ड, 1 आधार कार्ड, 1 चेकबुक, एक हुंडई वेरना कार, करीब 2,680 रुपये नकद बरामद की है।
पूछताछ में प्रमोद ने कबूला है कि उसने पिछले तीन महीनों में करीब 2,000 से 2,500 लोगों के आधार कार्ड बनाए या संशोधित किए। उसके द्वारा चलाई जा रही सभी यूजर आईडी से मिलाकर लगभग 18,000 से 19,000 फर्जी आधार कार्ड बनाए गए हैं। एक आईडी से रोजाना 20 से 25 कार्ड बनते थे।
Also Read: DGCA का इंडिगो पर बड़ा एक्शन, 4 इंस्पेक्टर हटाए गए, CEO पीटर एल्बर्स को फिर समन

