UP STF को बड़ी सफलता, करोड़ों की लूट और मर्डर केस में फरार आरोपी राजभर को दबोचा

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक बड़ी सफलता मिली है। 3.80 करोड़ रुपये के कॉपर से भरे ट्रक की लूट और ट्रक चालक की हत्या के मामले में वांछित चल रहा 1 लाख रुपये का इनामी बदमाश कार्तिक राजभर को पंजाब के पटियाला से गिरफ्तार कर लिया गया है।

कौन है कार्तिक राजभर?

गिरफ्तार आरोपी कार्तिक राजभर, पुत्र अनिल राजभर, मूल रूप से गांव पोरई खुर्द, थाना खेतासराय, जनपद जौनपुर का रहने वाला है। उस पर जनपद कौशाम्बी के कोखराज थाना क्षेत्र में मई 2025 में हुई ट्रक लूट और चालक की हत्या का आरोप है।

क्या है पूरा मामला?

15 मई 2025 को कार्तिक और उसके साथियों ने मिलकर कानपुर-प्रयागराज मार्ग पर एक ट्रक का पीछा किया, जो 3.80 करोड़ रुपये मूल्य के 21 बंडल कॉपर वायर लेकर जा रहा था। इन्होंने ट्रक को प्रयागराज की ओर मोड़ तिराहे के पास पुलिया के पास रोका और चालक सांवरलाल की गोली मारकर हत्या कर दी।

इसके बाद आरोपी ट्रक और अपनी एर्टिगा कार (UP-62-DT-2869) के साथ शव को सुनसान इलाके में फेंककर ट्रक को एक अन्य स्थान पर खड़ा कर फरार हो गए। लूटे गए कॉपर को आधे दामों पर बेचने के लिए कानपुर के व्यापारियों मोहम्मद अकरम, शकील अहमद, अमित कुमार और आफताब से संपर्क किया गया था।

मुख्य साजिशकर्ता मुठभेड़ में ढेर

इस वारदात का मास्टरमाइंड संतोष राजभर उर्फ राजू, कार्तिक का गांव का साथी था, जो पहले से एक कुख्यात अपराधी था। वारदात के दो दिन बाद, यानी 17 मई को पुलिस ने व्यापारियों के साथ संतोष को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद जब पुलिस उसे हथियार की बरामदगी के लिए ककोढ़ा ले गई, तब उसने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह मुठभेड़ में मारा गया।

संतोष के मारे जाने के बाद कार्तिक डर के मारे फरार होकर पंजाब के पटियाला में जाकर छिप गया। STF को विश्वसनीय सूत्रों से सूचना मिली कि वह लाहौरी गेट थाना क्षेत्र के SST नगर में रह रहा है। सूचना पाकर STF वाराणसी टीम ने इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे

पूछताछ में कार्तिक ने माना कि वह संतोष राजभर के साथ मिलकर लंबे समय से ट्रकों की रैकी कर कीमती धातुओं को लूटने की साजिश रचता था। वे माल आधे दाम पर बेचकर मोटा मुनाफा कमाते थे। इस वारदात में रंजीत राजभर नामक एक और साथी भी शामिल था।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि कार्तिक राजभर के खिलाफ उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के कई थानों में गंभीर धाराओं में 7 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें IPC की धाराएं 379, 411, 420, 467, 468, 471, 504, 506, व भारतीय वन अधिनियम की धाराएं शामिल हैं।

फिलहाल गिरफ्तारी के बाद कार्तिक को थाना कोखराज, जनपद कौशाम्बी में दर्ज मुकदमा संख्या 208/2025 (धारा 309(4)/103(1) BNS) के तहत विधिक कार्रवाई हेतु पुलिस को सौंप दिया गया है। कोखराज पुलिस अब आगे की जांच और आवश्यक कार्रवाई कर रही है।

 

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