यूपी एसटीएफ का बड़ा एक्शन, कासगंज में ‘मिलावटी तारकोल’ फैक्ट्री का भंडाफोड़, 06 गिरफ्तार
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पेट्रोलियम पदार्थों की कालाबाजारी और मिलावट करने वाले एक अंतर्राज्यीय गैंग का भंडाफोड़ किया है। एसटीएफ ने कासगंज के थाना ढोलना क्षेत्र से गैंग के 06 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 64 टन मिलावटी बिटुमिन (तारकोल) और भारी मात्रा में मिलावट करने वाले उपकरण बरामद हुए हैं।
कार्रवाई का विवरण
एसटीएफ मुख्यालय को मथुरा और फिरोजाबाद क्षेत्र से बिटुमिन (Bitumen) में मिलावट कर उसे बाजार में बेचने की सूचना प्राप्त हो रही थी। सूचना के आधार पर, एएसपी अमित कुमार नागर के निर्देशन में टीम गठित की गई। कासगंज के ग्राम अयइया में एटीएस स्कूल के पीछे संचालित एक अवैध फैक्ट्री पर छापेमारी कर इस गिरोह को पकड़ा गया।
बरामदगी का ब्यौरा
पुलिस ने मौके से मिलावट का पूरा कारखाना बरामद किया है:
मिलावटी तारकोल: 04 टैंकरों में भरा लगभग 64 टन बिटुमिन।
सफेद मार्बल डस्ट: 280 बोरी (लगभग 150 कुंतल), जिसका उपयोग तारकोल को गाढ़ा करने और वजन बढ़ाने के लिए किया जाता था।
मशीनरी: 01 मिक्सर मशीन, 02 मशीनरी उपकरण, 01 लोहे का कंटेनर, 15 बड़े ड्रम और 01 भारी जनरेटर।
नकद व मोबाइल: ₹18,160 नकद और 4 मोबाइल फोन।
कैसे होता था मिलावट का खेल?
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे मथुरा रिफाइनरी से निकलने वाले टैंकर ड्राइवरों से साठगांठ करते थे। गंतव्य तक पहुंचने से पहले टैंकर को फैक्ट्री में लाया जाता था। प्रत्येक टैंकर से 7-8 ड्रम असली बिटुमिन निकाल लिया जाता था। उसकी जगह मिक्सर मशीन में सफेद मार्बल पाउडर मिलाकर तैयार किया गया मिश्रण टैंकर में भर दिया जाता था। इस मिलावटी खेल से गिरोह प्रतिदिन 19 से 20 लाख रुपये का अवैध मुनाफा कमा रहा था।
जनता और सरकार को बड़ा नुकसान
लोक निर्माण विभाग (PWD) के विशेषज्ञों के अनुसार, मार्बल पाउडर मिला हुआ तारकोल सड़कों की ‘बाइंडिंग स्ट्रेंथ’ (पकड़) को खत्म कर देता है। इसके परिणाम स्वरूप सड़कें पहली बारिश में ही उखड़ जाती हैं। सरकारी धन की भारी बर्बादी होती है। आम जनता को खराब सड़कों के कारण दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ता है।
गिरफ्तार और वांछित अभियुक्त
गिरफ्तार: चंद्रपाल, विक्रम, जिग्नेश (मथुरा), उमेश (अलीगढ़), अविनिश (फिरोजाबाद) और महिपाल (कासगंज)।
वांछित (फरार): मुख्य सरगना प्रदीप उर्फ राणा, धीरेन्द्र जाट, कमल सिंह और रोहित सिंह।
अभियुक्तों के विरुद्ध थाना ढोलना, कासगंज में बीएनएस (BNS) की धारा 111(2)बी और आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) की धारा 3/7 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
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